बांग्लादेश में हिंदू गायक की कस्टोडियल डेथ, प्रलोय चाकी के निधन पर परिवार ने जताया संदेह

Proloy Chaki: बांग्लादेश के हिंदू गायक प्रलोय चाकी का हिरासत में निधन हो गया। वह डायबिटीज और दिल की बीमारी से पीड़ित थे। उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि जेल में उन्हें सही इलाज नहीं मिला।
Proloy Chaki Death
Proloy Chaki (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Proloy Chaki Death: बांग्लादेश के मशहूर गायक और संगीतकार प्रलोय चाकी का हिरासत (custody) में निधन हो गया है। वह जिला पबना की जेल में बंद थे। उनकी मौत रविवार को राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखने वाले चाकी के परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें जेल में अच्छी तरह से इलाज नहीं मिला, जिसके चलते उनका निधन हुआ।

बांग्लादेश में हिंसा का दौर जारी है, और ऐसे में यह घटना और भी गंभीर सवाल खड़ी करती है। हालांकि, जेल प्रशासन ने चाकी के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों से सिरे से इनकार किया है।

जेल प्रशासन ने बताई मौत की वजह

पबना जिला जेल के सुपरिटेंडेंट ओमर फारूक ने एएनआई से फ़ोन पर प्रलोय चाकी के निधन की पुष्टि की और उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी दी।

फारूक ने बताया कि प्रलोय चाकी को कई गंभीर बीमारियाँ थीं, जिनमें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं। इन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के कारण ही जेल के डॉक्टरों ने उन्हें इलाज के लिए पहले पबना सदर अस्पताल भेजा था। स्वास्थ्य में सुधार न होने पर, उन्हें शुक्रवार रात को बेहतर इलाज के लिए राजशाही मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया था, जहाँ रविवार को रात 9 बजे के बाद इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

प्रलोय चाकी का राजनीतिक संबंध

प्रलोय चाकी बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी अवामी लीग से जुड़े हुए थे। वह अवामी लीग की पबना जिला यूनिट के कल्चरल अफेयर्स सेक्रेटरी के तौर पर भी सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। उनकी गिरफ्तारी और हिरासत में मौत की टाइमिंग महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह घटना 2024 में बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलनों के बाद आई है। इन आंदोलनों के बाद, तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत आने के बाद पूरे देश में अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की लहर शुरू हो गई थी। प्रलोय चाकी भी इसी कार्रवाई के संदर्भ में हिरासत में थे।

परिवार ने जताया गंभीर संदेह

हिंदू समुदाय से ताल्लुक रखने वाले प्रलोय चाकी के परिवार ने जेल प्रशासन के दावों पर गंभीर संदेह जताया है।

उनका मुख्य आरोप है कि गंभीर बीमारियों के बावजूद, चाकी को जेल में आवश्यक और समय पर उचित चिकित्सा देखभाल नहीं मिली, जिसके कारण उनकी स्थिति बिगड़ गई। इस कस्टोडियल डेथ ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के मानवाधिकारों पर चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि जेल प्रशासन ने इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है।

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