मिथुन (सोर्स-सोशल मीडिया)
Mithoon Birthday Special Story: बॉलीवुड के जाने-माने म्यूजिक कंपोजर मिथुन आज अपनी मधुर और भावनात्मक धुनों के लिए पहचाने जाते हैं। कम ही लोग जानते हैं कि मिथुन ने महज 7 साल की उम्र में संगीत सीखना शुरू कर दिया था। सुरों से उनका रिश्ता बचपन से ही जुड़ गया था और यही वजह है कि आज उनकी धुनें सीधे दिल को छू जाती हैं। 11 जनवरी को जन्मे मिथुन का मानना है कि किसी भी गाने की असली ताकत उसकी मेलोडी में होती है और बिना मेलोडी के कोई गीत अधूरा है।
मिथुन का जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ, जहां संगीत विरासत में मिला। उनके पिता नरेश शर्मा खुद संगीत से जुड़े रहे हैं और दादा भी संगीतकार थे। इतना ही नहीं, मशहूर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जोड़ी के प्यारेलाल शर्मा मिथुन के चाचा थे। बचपन में वे अपने पिता के साथ स्टूडियो जाया करते थे, जहां उन्होंने संगीत को बेहद करीब से समझा। 11 साल की उम्र से उन्होंने विधिवत संगीत की तालीम लेना शुरू कर दी थी।
मिथुन ने बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत साल 2005 में फिल्म ‘जहर’ के गाने ‘वो लम्हे’ से की। इसके बाद ‘कलियुग’ का गाना ‘अब तो आदत सी है मुझको’ काफी लोकप्रिय हुआ। हालांकि, उन्हें असली पहचान साल 2007 में फिल्म ‘अनवर’ के गानों ‘मौला मेरे’ और ‘तोसे नैना लागे’ से मिली। लेकिन करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ फिल्म ‘बस एक पल’ का सुपरहिट गाना ‘तेरे बिन’, जिसे आतिफ असलम ने गाया था। इस गाने ने मिथुन को स्टारडस्ट अवॉर्ड दिलाया और वे ‘तेरे बिन’ वाले कंपोजर के नाम से मशहूर हो गए।
साल 2013 में आई फिल्म ‘आशिकी 2’ के गाने ‘तुम ही हो’ ने मिथुन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। यह गाना आज भी सबसे आइकॉनिक रोमांटिक सॉन्ग्स में गिना जाता है। इसके बाद उन्होंने ‘एक विलेन’, ‘कबीर सिंह’, ‘सनम रे’, ‘हाफ गर्लफ्रेंड’, ‘बागी 2’, ‘शिवाय’, ‘खुदा हाफिज’, ‘राधे श्याम’ और ‘गदर 2’ जैसी कई फिल्मों में यादगार संगीत दिया।
मिथुन सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहे, उन्होंने गैर-फिल्मी एल्बम्स में भी काम किया और आतिफ असलम जैसे सिंगर्स के साथ बेहतरीन म्यूजिक क्रिएट किया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, हर गाने की एक आत्मा होती है और वह आत्मा मेलोडी में बसती है। निजी जिंदगी की बात करें तो मिथुन ने साल 2022 में गायिका पलक मुच्छल से शादी की। आज भी मिथुन अपनी धुनों से लाखों दिलों पर राज कर रहे हैं।