Manoj Tiwari On AR Rahman Controversy (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Manoj Tiwari On AR Rahman: ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान द्वारा हिंदी सिनेमा को ‘सांप्रदायिक’ बताए जाने वाले बयान पर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। जहां एक ओर रहमान ने सोशल मीडिया पर सफाई पेश की है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक और संगीत जगत से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। अब इस मामले में भाजपा सांसद और मशहूर गायक मनोज तिवारी ने अपनी राय रखी है। तिवारी ने स्पष्ट किया कि वे रहमान के इस नजरिए से बिल्कुल भी सहमत नहीं हैं और उनके लिए यह बयान चौंकाने वाला है।
मनोज तिवारी ने कहा कि किसी भी कलाकार के करियर में उतार-चढ़ाव आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और इसे किसी अन्य दृष्टिकोण से देखना गलत है। रहमान के स्पष्टीकरण के बावजूद, इंडस्ट्री के कई दिग्गज इसे पेशेवर प्रतिस्पर्धा और बदलते समय का हिस्सा मान रहे हैं, न कि किसी विशेष विचारधारा का परिणाम।
मीडिया से बातचीत के दौरान मनोज तिवारी ने रहमान के प्रति अपना सम्मान व्यक्त करते हुए कहा, “मैं बहुत हैरान हूं क्योंकि मैं भी उनका प्रशंसक हूं। एआर रहमान साहब ने बहुत बेहतरीन संगीत दिया है, लेकिन करियर में यह समय-समय की बात होती है। कभी सब कुछ बहुत अच्छा चलता है, तो कभी रफ्तार बहुत धीमी हो जाती है। अब उन्होंने ऐसा बयान क्यों दिया, यह मेरी समझ से परे है।” तिवारी ने आगे कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में हर कोई हिट गाने और फिल्में चाहता है, और काम का मिलना पूरी तरह से प्रतिभा और बाजार की मांग पर निर्भर करता है।
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रहमान के दावों पर केवल राजनेता ही नहीं, बल्कि संगीत जगत के उनके साथी भी अलग राय रखते हैं। मशहूर गायक शान ने भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि संगीत जगत में सांप्रदायिक जैसा कोई पहलू नहीं है। शान ने साझा किया, “मुझे भी कई बार लंबे समय तक काम नहीं मिला, लेकिन मैंने इसे कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं लिया। काम मिलना या न मिलना किसी के हाथ में नहीं होता।” उन्होंने जोर देकर कहा कि इंडस्ट्री केवल हुनर और सफलता को पहचानती है।
चौतरफा घिरने के बाद एआर रहमान ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, “भारत सिर्फ मेरा घर नहीं, बल्कि मेरी प्रेरणा है। मेरे मन में देश और संगीत के लिए अगाध सम्मान है। मेरा इरादा किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था।” उन्होंने प्रशंसकों से अपील की कि वे उनकी बातों को सही संदर्भ में समझने की कोशिश करें। गौरतलब है कि मनोज तिवारी ने इसी दौरान पश्चिम बंगाल और झारखंड में चल रही ED की कार्रवाई पर भी टिप्पणी की और कहा कि जो जांच से घबरा रहा है, समझो ‘दाल में कुछ काला’ है।