संगीत की दुनिया का मजेदार राज, मन्ना डे को मदन मोहन ने ‘रिश्वत’ देकर बनवाया क्लासिक गाना, जानें पूरी कहानी

Manna Dey Songs: मन्ना डे का मशहूर गाना ‘कौन आया मेरे मन के द्वारे’ एक दिलचस्प किस्से से जुड़ा है, जहां मदन मोहन ने उन्हें मटन-भिंडी की ‘रिश्वत’ देकर गाना गवाया था।
Kaun Aaya Mere Man Ke Dware Story, मदन मोहन, मन्ना डे
मदन मोहन, मन्ना डे (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Kaun Aaya Mere Man Ke Dware Story:  हिंदी सिनेमा के दिग्गज गायकों में मन्ना डे का नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। उनकी आवाज में वह गहराई थी, जो सीधे दिल को छू जाती थी। चाहे शास्त्रीय संगीत हो, देशभक्ति गीत या रोमांटिक धुन हर शैली में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

हर राग में महारत, फिर भी कम मौके

मन्ना डे ने अपने करियर में कई शानदार गाने दिए, लेकिन यह भी सच है कि उन्हें हमेशा उनके काबिल गाने नहीं मिले। 80 के दशक तक आते-आते उनकी प्रतिभा के मुताबिक मौके कम हो गए थे। फिर भी, संगीत की समझ और कठिन बंदिशों को निभाने की क्षमता में उनका कोई मुकाबला नहीं था।

मदन मोहन की अनोखी ‘घूस’

एक दिलचस्प किस्सा जुड़ा है मशहूर संगीतकार मदन मोहन से। जब उन्होंने फिल्म देख कबीरा रोया के लिए एक खास गाना तैयार किया, तो उन्हें ऐसा गायक चाहिए था जो उसकी आत्मा को समझ सके। उन्होंने मन्ना डे को गाना ऑफर करने के लिए एक मजेदार तरीका अपनाया। उन्होंने फोन करके उन्हें अपने घर खाने पर बुलाया, मेन्यू था उनका फेवरेट ‘मटन-भिंडी’।

स्वाद के साथ मिला सुरों का तोहफा

खाने के शौकीन मन्ना डे इस न्योते को ठुकरा नहीं पाए और तुरंत पहुंच गए। मदन मोहन ने खुद अपने हाथों से शानदार खाना बनाया और उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें वह गाना सुनाया गया, कौन आया मेरे मन के द्वारे, जो आगे चलकर एक क्लासिक बन गया।

बना शास्त्रीय संगीत का लोकप्रिय चेहरा

इस गीत ने शास्त्रीय संगीत को आम दर्शकों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। फिल्म में यह गाना अनूप कुमार पर फिल्माया गया था, जहां उन्होंने एक संजीदा शायर का किरदार निभाया। उस दौर में मोहम्मद रफी और किशोर कुमार मुख्यधारा में छाए हुए थे, लेकिन इस गीत ने यह साबित कर दिया कि मन्ना डे की कला कितनी अद्वितीय है।

आज भी जिंदा है वो जादू

‘कौन आया मेरे मन के द्वारे’ आज भी संगीत प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यह सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि उस दौर की संगीत साधना और कलाकारों की लगन का प्रतीक है। और हां, यह कहानी भी याद दिलाती है कि कभी-कभी एक प्लेट स्वादिष्ट खाने से भी इतिहास रचा जा सकता है

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