मां फिल्म रिव्यू: देवी मां की भक्ति की जीत का जश्न मनाती है काजोल की हॉरर फिल्म
काजोल की फिल्म मां रिलीज हो चुकी है अगर आप काजोल की पहली हॉरर मूवी देखने का प्लान बना रहे हैं तो थिएटर जाने से पहले ये रिव्यू जरूर पढ़ लें।
- Written By: अनिल सिंह
Maa Movie Review: हॉरर फिल्म में भी लाजवाब है काजोल का अभिनय
- फिल्म: मां
- निर्देशक: विशाल फुरिया
- कास्ट: काजोल, इंद्रनील सेनगुप्ता, रोनित रॉय और खेरिन शर्मा
- जॉनर: पौराणिक हॉरर फिल्म
- रनटाइम: 2 घंटे 15 मिनट
- रेटिंग्स: 3.5 स्टार्स
काजोल ने दर्जनों हिट फिल्में दी है लेकिन पहली बार वह किसी हॉरर फिल्म में नजर आ रही हैं। काजोल की फिल्म मां रिलीज हो चुकी है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कैसा प्रदर्शन करेगी यह आने वाले वक्त में पता चलेगा, लेकिन फिल्म में काजोल ने जबरदस्त एक्टिंग की है। आइए जानते हैं फिल्म की कहानी क्या है?
ये भी पढ़ें- घोर लापरवाही, कुबेर फिल्म देख रहे थे दर्शक, धड़ाम से गिरी थिएटर की छत, कई घायल
कहानी: ये कहानी है चंद्रोपुर गांव की जहां के जंगल में अम्स्जा नाम का एक ऐसा दैत्य निवास करता है जो गांव की मासूम बच्चियों को अपना शिकार बनाता है। अम्स्जा का जिक्र मिलता है मां कालिका और रक्तबीज की कथा से और उसी दानव से इसकी उपज हुई है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस प्रकार देवी मां समय समय पर अपने भक्तों को सपने में दर्शन देकर उस राक्षस से बचने के लिए उनकी मदद करती है। हालांकि मां के संदेश को समझने में गांव वालों की एक चूक हो जाती है, जिसका खामियाजा उन्हें बरसों तक भुगतना पड़ता है। फिल्म में दिखाया गया है कि किस प्रकार इंद्रनील सेनगुप्ता के किरदार शुवंकर के परिवार पर देवी की कृपा होता है और उनमें वो शक्तियां होती है जिससे वो दैत्य अम्स्जा का अंत कर सके। इसके चलते वो वो राक्षस भी उनके परिवार पर अपनी नजर रखता है और बारी-बारी से सभी को अपना शिकार बनता है। हालांकि शुवंकर की मौत के बाद उसकी बेटी श्वेता पर अम्स्जा की नजर होती है। लेकिन उसकी मां अंबिका (काजोल), देवी की कृपा उसकी ढाल बनकर खड़ी होती है और न सिर्फ उसे बचाती है बल्कि अम्स्जा का वध भी करती है।
सम्बंधित ख़बरें
‘रामायण’ से 11 सेकंड का वीडियो लीक होने का दावा, सोशल मीडिया पर मची हलचल, जानिए क्या है पूरा मामला
शिवांगी जोशी फ्लॉप एक्ट्रेस हैं?’ श्रेया कालरा के बयान पर भड़के राजीव अदातिया, सोशल मीडिया पर दिया करारा जवाब
मुंबई की मूसलाधार बारिश से सितारों के घर भी नहीं बचे, अमिताभ बच्चन से लेकर अशनूर कौर तक प्रभावित
‘सिया के साथ रिया जैसा बर्ताव न करें’ कहकर घिरे डायरेक्टर संजय गुप्ता, सोशल मीडिया पर हुई तीखी आलोचना
अभिनय: फिल्म में काजोल ने अंबिका के किरदार को बेहद सशक्त और मजबूती से निभाया है। शुरू से अंत तक उनके काम में एक गंभीरता देखने को मिलती है जो फिल्म को बेहतर बनाती है। फिल्म में बाल कलाकार के रूप में नजर आई खेरिन शर्मा ने वाकई बढ़िया काम किया है। इसी के साथ यहां नेगेटिव रोल में नजर आए रोनित रॉय अपनी भूमिका से हमें हैरान करते नजर आते हैं।
म्यूजिक: फिल्म का म्यूजिक सराहनीय है और इसके बेकग्राउंड साउंड पर भी बढ़िया काम किया गया है। क्योंकि ये फिल्म देवी मां के भक्त और एक दैत्य की कहानी है, लेकिन इसमें कोई ऐसा मनमोहक भक्तिगीत नहीं जो सीन्स में जान दाल दे।
फाइनल टेक: अपनी हॉरर फिल्मों के लिए मशहूर विशाल फुरिया साबित करते हैं कि इस जॉनर की उन्हें बेहद उम्दा समझ है। हालांकि फिल्म का फर्स्ट हाफ थोडा स्लो है, इसका क्लाइमेक्स यकीनन जबरदस्त है। फिल्म में वीएफएक्स और विजुअल्स पर भी बारीकी से काम किया गया है जो इसे एक विजुअल ट्रीट बनाती है। अगर आप हॉरर फिल्मों के शौक़ीन हैं और हमारी लोक कथाओं में दिलचस्पी रखते हैं, तो हमारी राय में आप भी इस फिल्म को सिनेमाघरों में एन्जॉय करेंगे।
