केदारनाथ दर्शन के लिए सारा अली खान को देना होगा एफिडेविट, हेमंत द्विवेदी बोले- VIP हो या आम श्रद्धालु…
Sara Ali Khan Kedarnath Visit: केदारनाथ मंदिर में दर्शन के लिए नया नियम लागू हुआ है, जिसमें श्रद्धालुओं को आस्था साबित करने के लिए एफिडेविट देना होगा। सारा अली खान का नाम इस नियम को लेकर चर्चा में है।
- Written By: सोनाली झा
सारा अली खान (फोटो- सोशल मीडिया)
Sara Ali Khan Kedarnath Affidavit Rule: उत्तराखंड के प्रसिद्ध धाम केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में दर्शन को लेकर नया नियम सामने आया है, जिसने देशभर में बहस छेड़ दी है। अब इन धामों में प्रवेश से पहले श्रद्धालुओं को अपनी आस्था साबित करने के लिए एफिडेविट (शपथ पत्र) देना होगा। बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति की हालिया बैठक में यह निर्णय लिया गया कि गैर-सनातन धर्म के लोगों के प्रवेश को सीमित किया जाएगा।
हालांकि, यदि कोई व्यक्ति सनातन धर्म में अपनी आस्था जताता है और इसके लिए लिखित शपथ पत्र देता है, तो उसे दर्शन की अनुमति मिल सकती है। इस फैसले के बाद अभिनेत्री सारा अली खान का नाम खास तौर पर सुर्खियों में आ गया है। समिति के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यदि सारा अली खान भी केदारनाथ दर्शन के लिए आती हैं, तो उन्हें भी एफिडेविट देना होगा।
केदारनाथ धाम से खास जुड़ाव
गौरतलब है कि सारा अली खान का केदारनाथ से खास संबंध रहा है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत केदारनाथ से की थी, जिसकी शूटिंग इसी क्षेत्र में हुई थी। इसके बाद वह कई बार मंदिर में दर्शन के लिए जा चुकी हैं और उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होती रही हैं। केदारनाथ धाम में जैकलीन फर्नांडीज, नुसरत भरूचा और हिना खान जैसे कई सेलेब्स भी दर्शन कर चुके हैं। नए नियम के बाद इन सभी के लिए भी समान प्रक्रिया लागू होगी।
सम्बंधित ख़बरें
‘फोर्स 3’ की शूटिंग के बीच पढ़ाई में भी अव्वल रहने की तैयारी, हर्षवर्धन राणे का अनुशासन देख फैंस हुए प्रभावित
धनुष और मृणाल ठाकुर के रिश्ते को लेकर नई चर्चा, डेटिंग की अफवाहों के बीच ब्रेकअप की खबरों ने बटोरी सुर्खियां
‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ की धमाकेदार वापसी, आलिया भट्ट और शरवरी वाघ बनेंगी पहले एपिसोड की खास मेहमान
सुप्रिया सुले की बेटी रेवती की प्री-वेडिंग पार्टी में छाए शाहरुख खान, ‘कोई मिल गया’ पर डांस कर लूट ली महफिल
कैसे काम करेगा नया नियम
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में ही शपथ पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें उन्हें सनातन धर्म में अपनी आस्था का उल्लेख करना होगा। यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इस फैसले के सामने आते ही सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे परंपराओं की रक्षा के लिए जरूरी कदम मान रहे हैं, तो कुछ इसे धार्मिक स्वतंत्रता के नजरिए से देख रहे हैं। फिलहाल, इस नियम के लागू होने के बाद केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में दर्शन की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
