जयदीप अहलावत ने खोली पोल, हिंदी फिल्मों के हीरो को नहीं आता हिंदी पढ़ना
जयदीप अहलावत एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि हिंदी फिल्मों में काम करने वाले हिंदी भाषी राज्यों के अभिनेता देवनागरी लिपि नहीं पढ़ सकते हैं। जयदीप के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
- Written By: सोनाली झा
जयदीप अहलावत ने खोली पोल
मुंबई: बॉलीवुड के शानदार एक्टर जयदीप अहलावत ने एक इंटरव्यू के दौरान ऐसा खुलासा किया है जिसने सिनेमा प्रेमियों को हैरान कर दिया। फिल्मफेयर को दिए इंटरव्यू में जयदीप ने बताया कि आज कई ऐसे हिंदी फिल्म अभिनेता हैं जो देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी स्क्रिप्ट नहीं पढ़ पाते। यह बात उन्होंने तब महसूस की जब उन्होंने खुद देखा कि अभिनेता हर दो शब्द पर अटक जाते हैं।
जयदीप ने कहा कि मैं यह देखकर हैरान रह गया कि हिंदी भाषी राज्यों से आने वाले अभिनेता भी देवनागरी लिपि नहीं पढ़ सकते। अगर स्क्रिप्ट रोमन लिपि में हो तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन देवनागरी में पढ़ना उनके लिए बेहद मुश्किल होता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई अभिनेता साउथ इंडिया से है तो बात अलग है, लेकिन जो हिंदी बेल्ट से आता है और फिर भी हिंदी नहीं पढ़ पाता, यह वाकई चिंता की बात है।
जयदीप के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। खासकर रेडिट और ट्विटर पर यूज़र्स ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि जयदीप किस अभिनेता की बात कर रहे थे। कई लोगों ने नाम सैफ अली खान का लिया। एक यूजर ने लिखा कि कॉफी विद करण में साफ दिखा कि सैफ को हिंदी पढ़ने में कितनी मुश्किल होती है, और शर्मिला टैगोर ने उन्हें इसके लिए टोका भी था।
सम्बंधित ख़बरें
‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून’ के सेट पर Akshay Kumar का बड़ा ऐलान, गृहणियों की अनदेखी मेहनत को दिखाएंगे बड़े पर्दे पर
Ginny Weds Sunny 2 Earnings: ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ को नहीं मिला प्री-रिलीज बज, ओपनिंग डे पर पड़ सकता है असर
रणवीर सिंह की Dhurandhar 2 ने 36वें दिन भी की करोड़ों में कमाई, 1100 करोड़ क्लब में बनाई मजबूत पकड़
पांच साल की उम्र में रियाज शुरू, मंच पर निभाते थे महिला पात्रों का किरदार, जानें Deenanath Mangeshkar की कहानी
जयदीप और सैफ हाल ही में एक साथ एक हीस्ट फिल्म में नजर आए थे, जिससे साफ होता है कि इशारा शायद उसी तरफ है। इस खुलासे ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हिंदी सिनेमा में काम करने वाले कुछ एक्टर्स को हिंदी भाषा में बुनियादी दक्षता भी नहीं है। यह न केवल उनकी प्रस्तुति पर असर डाल सकता है, बल्कि इंडस्ट्री में नई पीढ़ी के प्रति एक गलत उदाहरण भी पेश करता है। जहां जयदीप जैसे कलाकार समर्पण और तैयारी के लिए जाने जाते हैं, वहीं यह मुद्दा इंडस्ट्री के भीतर एक गंभीर भाषा संकट की ओर भी इशारा करता है।
