Hindi Diwas 2025: आशुतोष राणा ने शेयर किया भावुक पोस्ट, हिंदी की सिद्धि से मिली प्रसिद्धि
Ashutosh Rana: आशुतोष ने बताया कैसे हिंदी लोगों को उनकी जड़ों, सभ्यता और मूल्यों से जोड़ती है और सभी से हिंदी का सम्मान करने और उसका जश्न मनाने का आग्रह किया।
- Written By: अनिल सिंह
'मुझे हिंदी की सिद्धि ने प्रसिद्धि प्रदान की', आशुतोष राणा ने शेयर किया भावुक पोस्ट
Ashutosh Rana On Hindi Diwas: हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर रविवार को अभिनेता आशुतोष राणा ने भी एक भावुक संदेश अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। आशुतोष ने बताया कैसे हिंदी लोगों को उनकी जड़ों, सभ्यता और मूल्यों से जोड़ती है और सभी से हिंदी का सम्मान करने और उसका जश्न मनाने का आग्रह किया। साथ ही बताया कि इस अवसर पर उनके एक नाटक का मंचन होने जा रहा है।
आशुतोष राणा ने इस पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, ‘कुछ लोग हिंदी बोलकर हिंदी को गरिमा प्रदान करते हैं। मैं उन सौभाग्यशाली व्यक्तियों में से एक हूं, जिसे हिंदी ने गरिमा प्रदान की।’
सम्बंधित ख़बरें
Swara Bhasker ने बॉडी शेमिंग पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- महिलाओं का शरीर ग्लैमर के लिए नहीं, ट्रोलर्स को दिया जवाब
Kapil Sharma के शो में समय रैना और रणवीर अहलावादिया की एंट्री, फैंस बोले- लग रहा है आखिरी एपिसोड
Pati Patni Aur Woh 2 का ट्रेलर रिलीज, तीन रिश्तों के बीच फंसे आयुष्मान खुराना, जानें कब दस्तक देगी फिल्म
Vijay Deverakonda Film: विजय देवरकोंडा की फिल्म में रश्मिका मंदाना की दोस्त की एंट्री ! बजट पर आया नया अपडेट
ये भी पढ़ें- फिल्मों पर काटा बवाल, भारत पाकिस्तान मैच पर सवाल, जानें क्या बोले सुनील शेट्टी
हिंदी की सिद्धि ने प्रसिद्धि प्रदान की
आशुतोष ने पोस्ट में आगे लिखा, “कुछ विशिष्ट व्यक्तियों ने हिंदी का परिष्कार किया। मैं उन व्यक्तियों में से एक हूं जिसका हिंदी ने परिष्कार किया। कुछ सिद्ध व्यक्तियों ने हिंदी को प्रसिद्ध किया। मैं उन बड़भागियों में से एक हूं जिसे हिंदी की सिद्धि ने प्रसिद्धि प्रदान की। मां, मातृभाषा, और मातृभूमि हमारी सभ्यता, संस्कृति, और संस्कार के स्रोत होते हैं, ये हमें संसार से अड़ना और लड़ना नहीं, संसार से ‘जुड़ना’ सिखाते हैं। इसलिए इनके ऋण से कभी उऋण नहीं हुआ जा सकता।” इसके बाद आशुतोष ने एक और कविता फैंस के साथ साझा की।
आशुतोष राणा ने कविता में क्या लिखा
“महज भाषा नहीं, यह मां हमारी हमको रचती है, बचेगी लाज जब इसकी हमारी लाज बचती है। छोड़ा गर इसे तुमने तो तुम भी छूट जाओगे, दुनिया नहीं तुम ख़ुद ही ख़ुद से रूठ जाओगे। उठो जागो, करो स्वीकार इसको प्यार दो इसको, तुम्हारे मान का सम्मान का संसार दो इसको । फिर तुम नहीं ,ये सारी धरती डोल जाएगी , तुम्हारे कर्म की गाथा ये सदियों तक सुनाएगी। कहेगी ये हमारे अन्नदाता ज्ञानदाता हैं, कहेगी ये हमारे मान और अभिमान दाता हैं। कहेगी ये हमारे क्लेश, दुःख और कष्ट भक्षक हैं, कहेगी ये हमारे धर्म गुरु और धर्म रक्षक हैं।”
हिंदी दिवस की शुभकामनाएं
आशुतोष ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि इस अवसर पर उनके नाटक ‘हमारे राम’ का 300वां मंचन वडोदरा शहर में होने जा रहा है। अपनी दमदार आवाज, अभिनय और हिंदी भाषा पर अच्छी पकड़ के लिए पहचान बनाने वाले अभिनेता को आखिरी बार फिल्म ‘वॉर-2’ में देखा गया था। इसमें वे कर्नल लुथरा का रोल निभाते दिखाई दिए थे।
