दिव्या दत्ता (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Divya Dutta 20 Films Story: दिव्या दत्ता का बॉलीवुड सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में फिल्म ‘इश्क में जीना इश्क में मरना’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। हालांकि शुरुआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा और लंबे समय तक अच्छे प्रोजेक्ट्स का इंतजार करना पड़ा। लेकिन वीर-ज़ारा जैसी फिल्मों के बाद दिव्या दत्ता के करियर ने रफ्तार पकड़ी और उनके पास फिल्मों की लाइन लग गई।
एक इंटरव्यू में दिव्या दत्ता ने खुलासा किया कि साल 2007 के आसपास उन्हें इतने ऑफर मिले कि उन्होंने एक साथ करीब 20 फिल्में साइन कर ली थीं। दिव्या दत्ता ने बताया कि एक समय ऐसा भी था जब उनके पास कोई काम नहीं था, इसलिए अचानक मिले इतने मौके उन्हें छोड़ना मुश्किल था। यही वजह थी कि दिव्या दत्ता ने बिना ज्यादा सोचे सभी ऑफर्स को स्वीकार कर लिया।
हालांकि, दिव्या दत्ता की जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब उनकी मुलाकात आदित्य चोपड़ा से हुई। एक सामान्य मुलाकात के दौरान जब दिव्या दत्ता ने उन्हें बताया कि उन्होंने 20 फिल्में साइन की हैं, तो आदित्य चोपड़ा ने उनसे एक अहम सवाल पूछा कि क्या उन्हें सच में पैसों या काम की कमी है? उन्होंने दिव्या दत्ता को सलाह दी कि वह सिर्फ फिल्मों की संख्या बढ़ाने के बजाय ऐसे काम चुनें जो उनकी पहचान और विरासत बनाए। यह बात दिव्या दत्ता के दिल को छू गई और उन्होंने अपने करियर को लेकर गंभीरता से सोचना शुरू किया।
ये भी पढ़ें- व्हीलचेयर सीन बना मुश्किल, जीनत अमान ने बताया कैसे अमिताभ बच्चन की वजह से हुई परेशानी
इस बातचीत के बाद दिव्या दत्ता ने बड़ा फैसला लिया। दिव्या दत्ता ने उन सभी फिल्मों के साइनिंग अमाउंट वापस लौटा दिए, जिनकी शूटिंग उन्होंने शुरू नहीं की थी। यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि इसमें आर्थिक नुकसान भी था, लेकिन उन्होंने क्वालिटी को क्वांटिटी से ज्यादा महत्व दिया। इस फैसले के बाद दिव्या दत्ता ने केवल वही प्रोजेक्ट्स चुने, जिनमें उन्हें दमदार किरदार मिले। इसका नतीजा यह हुआ कि उन्हें इरादा के लिए नेशनल अवॉर्ड भी मिला। इसके अलावा वह ‘भाग मिल्खा भाग’ और ‘बदलापुर’ जैसी फिल्मों में अपनी शानदार एक्टिंग का लोहा मनवा चुकी हैं।