Diana Penty (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Diana Penty On Professionalism: फिल्म इंडस्ट्री में सफलता के लिए कलाकारों को न सिर्फ अपने किरदार में पूरी तरह से ढलना पड़ता है, बल्कि निजी रिश्तों और भावनाओं से ऊपर उठकर पेशेवर तरीके से काम करना भी सीखना होता है।
अभिनेत्री डायना पेंटी ने इसी महत्वपूर्ण सोच पर जोर देते हुए आईएएनएस से विस्तार से बात की। उनका मानना है कि एक अच्छा अभिनेता वही है जो अपने सह-कलाकारों के साथ व्यक्तिगत समीकरण चाहे जैसे भी हों, कैमरे के सामने पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ किरदार निभा सके।
अपनी नई स्ट्रीमिंग सीरीज ‘डू यू वाना पार्टनर‘ के प्रमोशन के दौरान, डायना पेंटी ने अभिनय की गुणवत्ता और सेट पर प्रोफेशनलिज्म बनाए रखने के महत्व पर अपनी राय व्यक्त की।
पेशेवर रवैया: डायना ने साफ कहा, “एक अच्छे अभिनेता के लिए यह बहुत जरूरी है कि वह निजी रिश्तों को अपने काम पर हावी न होने दे। चाहे आप किसी सह-कलाकार के साथ अच्छे दोस्त हों या नहीं, स्क्रीन पर जो दिखता है, वह पूरी तरह से किरदार की मांग पर आधारित होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत संबंधों पर।”
असली परीक्षा: उन्होंने कहा कि एक अभिनेता की असली परीक्षा यही होती है कि वह अपनी निजी भावनाओं और अनुभवों को कितनी समझदारी से अलग रखकर अपने किरदार को कितनी सच्चाई से निभा पाता है। अभिनय की गुणवत्ता इसी आत्म-नियंत्रण से तय होती है।
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सीरीज ‘डू यू वाना पार्टनर’ में डायना ने एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया के साथ काम किया है। इस अनुभव को साझा करते हुए, उन्होंने बताया कि उनकी बॉन्डिंग सेट पर स्वाभाविक रूप से बन गई थी।
सहज माहौल: डायना ने कहा, “इस शो के मामले में मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं, क्योंकि तमन्ना के साथ मेरी दोस्ती स्वाभाविक रूप से बन गई थी। सेट पर माहौल काफी सहज और सकारात्मक था, जिससे काम करना और भी आसान हो गया।”
ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री: उनका मानना है कि जब ऑफ-स्क्रीन रिश्ता मजबूत होता है, तो वही मजबूती ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री में भी नजर आने लगती है। उन्होंने कहा, “इससे सीन में एक अलग तरह की सच्चाई और ऊर्जा आ जाती है, जो दर्शकों को भी महसूस होती है।”
डायना ने बताया कि उनके और तमन्ना के बीच इतना अच्छा तालमेल था कि वे बिना किसी औपचारिकता के काम कर सके।
तालमेल: उन्होंने कहा, “हम दोनों को कभी भी एक-दूसरे के साथ तालमेल बैठाने में कोई परेशानी नहीं हुई। जब कलाकार एक-दूसरे के साथ सहज होते हैं, तो इम्प्रोवाइज (Improvise) करने की आजादी भी मिलती है, जो कहानी को और बेहतर बना देती है।”
खुलकर बात: डायना ने कहा कि वे इतने कंफर्टेबल थे कि बिना झिझक अपनी राय रख सकते थे, चाहे वह सीन से जुड़ी सलाह हो या किसी डायलॉग पर चर्चा। उन्होंने कहा कि ऐसा सहज माहौल हर प्रोजेक्ट में नहीं मिलता और जब यह मिलता है, तो कलाकारों के काम में उसका साफ असर दिखता है।
अंत में, डायना ने अपने मूल विचार को दोहराया: “कलाकारों की अच्छी बॉन्डिंग काम को आसान बना देती है, लेकिन एक अभिनेता को हर हाल में प्रोफेशनल रहना चाहिए। निजी रिश्ते कभी भी किरदार से बड़े नहीं होने चाहिए। अभिनय एक ऐसी कला है जिसमें अनुशासन और आत्म-नियंत्रण बहुत जरूरी है।”