‘मकर संक्रांति’ पर अपनी प्ले लिस्ट में शामिल करें बॉलीवुड के ये आइकॉनिक सॉन्ग, जश्न का मजा होगा दोगुना
Kite Flying Bollywood Songs: मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का मजा दोगुना करने के लिए अपनी प्लेलिस्ट में शामिल करें रईस, हम दिल दे चुके सनम और काय पो चे जैसे फिल्मों के ये सुपरहिट गाने।
- Written By: अनिल सिंह
Makar Sankranti Songs (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Makar Sankranti Songs: मकर संक्रांति का त्योहार न केवल दान-पुण्य और नई फसल का पर्व है, बल्कि यह नीले आसमान में रंग-बिरंगी पतंगों के जरिए अपनी उमंगों को उड़ान देने का भी दिन है। भारतीय सिनेमा यानी बॉलीवुड ने हमेशा से ही हमारे त्योहारों को एक जादुई स्पर्श दिया है। जब बात पतंगबाजी की होती है, तो कुछ ऐसे गाने जेहन में आते हैं जो इस उत्सव की रूह बन चुके हैं।
इन गानों की धुनें न केवल कानों को सुरीली लगती हैं, बल्कि ये हमें उन यादों में ले जाती हैं जहाँ छतों पर ‘कापो छे’ का शोर और पतंग काटने की होड़ होती है। अगर आप इस साल मकर संक्रांति पर अपने दोस्तों और परिवार के साथ छत पर पतंग उड़ाने की तैयारी कर रहे हैं, तो बॉलीवुड के ये आइकॉनिक ट्रैक आपकी मस्ती में चार चाँद लगा देंगे।
गुजरात की संस्कृति और ‘उड़ी उड़ी जाए’ का जादू
गुजरात में उत्तरायण का त्योहार बेहद भव्य तरीके से मनाया जाता है और फिल्म ‘रईस’ का गाना ‘उड़ी उड़ी जाए’ इस जीवंतता को बखूबी पर्दे पर उतारता है। शाहरुख खान और माहिरा खान पर फिल्माया गया यह गाना पतंगबाजी, गरबा और उत्सव के उल्लास का एक शानदार संगम है। इस गाने के बोल और इसकी लय आपको अपनी छत पर थिरकने और पतंग की डोर थामने पर मजबूर कर देगी। संक्रांति की प्लेलिस्ट में यह गाना सबसे ऊपर होना चाहिए।
सम्बंधित ख़बरें
Baby Do Die Do Teaser: हुमा कुरैशी की ‘बेबी डू डाई डू’ का टीजर रिलीज, बहन की मौत का बदला लेती दिखीं एक्ट्रेस
Dhamaal 4 का पहला लुक जारी, अजय देवगन-रितेश देशमुख की गैंग लौटी, पोस्टर से गायब दिखे संजय दत्त और असरानी
Sarika Web Series: OTT पर छाएंगे बुंदेलखंड के कलाकार, ‘सारिका’ की रिलीज का हो रहा इंतजार
Sunny Deol की ‘बंटवारा 1947’ में दिखेगा 1947 का दर्दनाक इतिहास, मोशन पोस्टर ने बढ़ाई दर्शकों की उत्सुकता
ये भी पढ़ें- आसमान में उड़ी ‘मर्दानी 3’ की पतंग, मकर संक्रांति पर अहमदाबाद पहुंचीं रानी मुखर्जी
‘ढील दे’ के साथ पतंगबाजी का क्लासिक अंदाज
जब भी बॉलीवुड और पतंगबाजी की बात होती है, तो फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ का गाना ‘ढील दे, ढील दे दे रे भैया’ सबसे पहले याद आता है। सलमान खान और ऐश्वर्या राय पर फिल्माया गया यह गाना गुजराती संस्कृति और पारिवारिक प्रेम का प्रतीक बन चुका है। इस गाने में पतंग काटने की जो नोकझोंक और चुलबुला रोमांस दिखाया गया है, वह आज भी दर्शकों के दिलों में ताजा है। यह एक ऐसा क्लासिक गीत है जिसके बिना संक्रांति का जश्न अधूरा लगता है।
‘मांझा’ और ‘रुत आ गई रे’ के भावुक स्वर
मकर संक्रांति उत्सव के शोर के बीच कुछ गाने ऐसे भी होते हैं जो दिल को सुकून देते हैं। फिल्म ‘काय पो चे!’ का गाना ‘मांझा’ दोस्ती, सपनों और उम्मीदों की कहानी कहता है। गुजरात की पृष्ठभूमि में बना यह गीत आज के युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है।
वहीं, ए.आर. रहमान द्वारा रचित फिल्म ‘1947 अर्थ’ का गाना ‘रुत आ गई रे’ पतंगबाजी के दृश्य को एक दार्शनिक और भावुक अर्थ देता है। इसके अलावा, फिल्म ‘फुकरे’ का ‘अंबरसरिया’ भी अपनी मस्ती और पतंगों के खूबसूरत दृश्यों के कारण इस फेहरिस्त का हिस्सा है।
