Mandakini Birthday: यास्मीन जोसेफ से बनीं मंदाकिनी, एक फिल्म ने बनाया स्टार, फिर अचानक क्यों छोड़ दी इंडस्ट्री
Mandakini Story: मंदाकिनी का असली नाम यास्मीन जोसेफ था। राज कपूर ने उनका नाम बदलकर उन्हें 'राम तेरी गंगा मैली' से लॉन्च किया, जिसने उन्हें स्टार बना दिया। उन्होंने शादी के बाद फिल्मों से दूरी बना ली।
- Written By: सोनाली झा
मंदाकिनी (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Mandakini Birthday Special Story: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री मंदाकिनी का जन्म 30 जुलाई 1963 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुआ था। मंदाकिनी आज अपना 63वां जन्मदिन मना रही है। मंदाकिनी की खूबसूरती, हरी-भूरी आंखें और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें 80 के दशक की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया। मंदाकिनी का असली नाम यास्मीन जोसेफ था। उनके पिता ब्रिटिश मूल के थे, जबकि मां मुस्लिम परिवार से थीं।
मंदाकिनी को शुरुआती दिनों में फिल्म ‘मजलूम’ के लिए साइन किया गया था और उस वक्त उनका स्क्रीन नाम माधुरी रखा गया था। लेकिन इससे पहले कि फिल्म रिलीज होती, उनकी मुलाकात शोमैन राज कपूर से हुई। राज कपूर उनकी खूबसूरती और स्क्रीन प्रेजेंस से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ के लिए उन्हें चुन लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने यास्मीन का नाम बदलकर मंदाकिनी रख दिया।
राम तेरी गंगा मैली ने दिलाई नई पहचान
साल 1985 में रिलीज हुई ‘राम तेरी गंगा मैली’ उस दौर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में राजीव कपूर और मंदाकिनी की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। खासकर झरने के नीचे फिल्माया गया उनका चर्चित दृश्य लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि, उनकी अभिनय क्षमता और स्क्रीन प्रेजेंस को भी दर्शकों ने उतना ही सराहा। मंदाकिनी ने मिथुन चक्रवर्ती, संजय दत्त, गोविंदा, आदित्य पंचोली और कई बड़े सितारों के साथ काम किया।
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करियर में आईं कई चुनौतियां
स्टारडम मिलने के बावजूद मंदाकिनी का सफर आसान नहीं था। उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि कई बार उन्हें फिल्म के लिए फाइनल करने के बाद कम फीस लेने वाली दूसरी अभिनेत्री को मौका दे दिया जाता था। वहीं, एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें कुमार गौरव के साथ फिल्म ‘शिरीन फरहाद’ के लिए चुना गया, लेकिन बाद में यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया।
शादी के बाद फिल्मों से बनाई दूरी
साल 1996 में रिलीज हुई ‘जोरदार’ के बाद मंदाकिनी ने धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली। उन्होंने पूर्व बौद्ध भिक्षु डॉ. कग्युर टी. रिनपोछे ठाकुर से शादी की और अपने परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू की। शादी के बाद उन्होंने लाइमलाइट से दूर रहना ही पसंद किया। भले ही मंदाकिनी का फिल्मी करियर लंबा नहीं रहा, लेकिन उनकी शानदार अदाकारी ने उन्हें हिंदी सिनेमा के इतिहास में हमेशा के लिए खास जगह दिला दी।
