फिलहाल मेरे पास ये लक्जरी नहीं कि अपने रोल्स को चुन सकूं: बाबिल खान
Babil Khan: बाबिल खान ने अपने अपकमिंग प्रोजेक्ट ‘लॉगआउट’, अपने करियर और सोशल मीडिया ट्रोलिंग पर खुलकर बातचीत की। पेश है नवभारत के साथ हुई चर्चा के कुछ अंश...
- Written By: अनिल सिंह
बाबिल खान ने पिता और फिल्म लॉगआउट को लेकर की बात
Babil Khan: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं में से एक इरफान खान भले ही अब हमारे बीच नहीं लेकिन उनके बेटे बाबिल खान उनके हुनर को अपने तौर-तरीकों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। बाबिल जल्द ही फिल्म ‘लॉगआउट’ में नजर आएंगे, जो 18 अप्रैल को जी5 पर रिलीज होगी। अमित गोलानी द्वारा निर्देशित इस फिल्म को लेकर बाबिल ने नवभारत से बातचीत की।
लॉगआउट’ की स्टोरी सुनाई गई थी, तो आपका पहला रिएक्शन क्या था और इसे हां कहने की कोई अहम वजह?
मैं सच कहूं तो मैंने इस फिल्म के लिए 2 पेज का ऑडिशन दिया था और फिर मुझे फिल्म की स्क्रिप्ट मिली। मेरे पास ये लक्जरी नहीं थी कि लोग मेरे पास आएंगे और मैं रोल्स चुनूंगा. तो स्क्रिप्ट मिलने के बाद मैं निर्देशक अमित गोलानी से मिला और मुझे इसके लिए फाइनल कर लिया गया था। मैंने इस फिल्म के ऑफर पर ज्यादा सोचा नहीं और मैंने सिर्फ अपने किरदार की तैयारी के बारे में सोचा है।
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पूरी फिल्म के दौरान निर्देशक अमित गोलानी से आपको कितना सपोर्ट और सीख मिली है?
मुझे अमित सर का काफी सपोर्ट था। मैंने भले ही अपने सीन के लिए 20 टेक दे चुका हूं जिसमें मैंने रोने का सीन शूट किया है। लेकिन अमित सर को मुझे हंसाने में सिर्फ 2 मिनट लगते थे। उनके साथ मेरा एक अलग ही बॉन्ड बन गया है। अगर आप किसी को हंसा सकते हो वो एक सुपर पॉवर है। मुझे इनके साथ काम करते समय कभी बोझ नहीं लगा। हां, मैं खुद अपने काम का बोझ लेता था, लेकिन वो उसे भी हटा देते थे और मेरे लिए चीजें आसान कर देते थे।
इस डिजिटल युग में बतौर एक्टर सोशल मीडिया और इंडस्ट्री में बने रहने का प्रेशर आप पर रहा है?
नहीं, मैंने ये चीज कभी महसूस नहीं की और जिंदगी तो आपको हर तरह से परखेगी और चुनौतियां देती रहेंगी। लेकिन आप उससे किस तरह से निपटते हैं ये मायने रखता है। बाहर आपको लेकर लोग क्या सोच रहे हैं ये आपके कंट्रोल में नहीं है। होना अलग बात है और एक्टर होना एक अलग बात है। आप उन दोनों के बीच में ब्रिज बनाकर बैलेंस भले ही कर सकते हो।
अपने पिता इरफान खान की पहचान से हटकर अपनी आइडेंटिटी क्रिएट करने का प्रेशर आप पर रहा है?
लोग मुझे अक्सर कहते हैं कि आप इरफान सर की परछाई से कैसे आगे निकलोगे, लेकिन मुझे तो वो हमेशा मेरे रूप जैसे लगते हैं और उन्हें याद करके मुझे अच्छा महसूस होता है। ये एक ऐसा बोझ है जो अच्छा है। मुझे जिम्मेदारी महसूस होती है कि मैं उनका बेटा हूं जो एक महान एक्टर रहे हैं। मैं अपनी आइडेंटिटी तो बना ही रहा हूं।
