आजाद फिल्म रिव्यू: अमन-राशा की जोड़ी ने जीता दर्शकों का दिल, कमजोर पड़ी फिल्म की कहानी
Azaad Film Review: अजय देवगन की फिल्म आजाद सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म में अमन देवगन और राशा थडानी ने डेब्यू किया है। फिल्म में उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया गया है, लेकिन फिल्म की कहानी कमजोर है।
- Written By: अनिल सिंह
आजाद मूवी रिव्यू: कमजोर कहानी पर भारी पड़ा स्टारकिड्स अभिनय
- रेटिंग:2/5
- कलाकार: अजय देवगन, अमन देवगन, राशा थडानी
- डायरेक्टर: अभिषेक कपूर
रिव्यू: अजय देवगन की बहुचर्चित फिल्म आजाद सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म को दर्शक पसंद कर रहे हैं, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसका प्रदर्शन कैसा रहेगा इस पर शंका बनी हुई है। फिल्म की कहानी कमजोर है, क्योंकि एक ही फिल्म में कई कहानियों को एक साथ पिरोने की नाकाम कोशिश की गई है। प्रेजेंटेशन की कमी साफ नजर आ रही है। कलाकारों की एक्टिंग दमदार है, यहां तक की नए कलाकार अमन देवगन और राशा थडानी ने भी अच्छी खासी एक्टिंग की है। लेकिन बेदम कहानी और खराब प्रेजेंटेशन की वजह से फिल्म कमजोर पड़ गई है। एक्टिंग देखने के लिए आप सिनेमा घर तक जा सकते हैं।
कहानी: फिल्म की कहानी अंग्रेजों के जमाने की है। पीयूष मिश्रा ने एक जमींदार का किरदार निभाया है, जो अपनी बेटी जानकी (राशा थडानी) की शादी एक अंग्रेज से करना चाहता है. जिसके लिए वह गांव वालों पर जुल्म ढाता है और उनसे जबरन लगान वसूलता है, इतना ही नहीं वह असहाय लोगों को बंधुआ मजदूर बनकर साउथ अफ्रीका भी भेज रहा है। अजय देवगन विक्रम ठाकुर के किरदार में नजर आ रहे हैं। जो अंग्रेजों की नाक में नकेल पहनने का प्रयास करते हैं। वही गोविंद नाम का एक लड़का है जिसकी भूमिका अमन देवगन ने निभाई है। वह जानकी यानी राशा थडानी से प्यार करता है।
ये भी पढ़ें- महाकुंभ के लिए सिंगर बनी हेमा मालिनी, अनूप जलोटा के संग गया भजन
सम्बंधित ख़बरें
अजय देवगन के 57वें बर्थडे पर फैंस का सैलाब, ‘शिवशक्ति’ के बाहर दिखा जबरदस्त क्रेज, वीडियो आया सामने
अजय देवगन और काजोल की दिलचस्प लव स्टोरी, ब्रेकअप के बाद दोस्ती, फिर प्यार से शादी तक का रहा सफर
‘दृश्यम 3’ के बीच अजय देवगन का सरप्राइज, नए प्रोजेक्ट से फिर मचाएंगे धमाल, जानें रिलीज डेट
अजय देवगन की ‘भोला’ पर कानूनी संकट! ‘कैदी’ के मेकर्स ने कॉपीराइट उल्लंघन का लगाया आरोप
कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब अजय देवगन यानी विक्रम ठाकुर की मौत हो जाती है। फिल्म की कहानी में अजय देवगन की प्रेम कहानी, गोविंदा की प्रेम कहानी और अजय देवगन के साथ उनके घोड़े के लगाव की कहानी को भी दिखाया गया है। कई कहानी यहां मिसमैच होती हुई नजर आती है। विक्रम ठाकुर की मौत के बाद गोविंद एक रेस के माध्यम से गांव वालों का लगान माफ करवाता है और गांव वालों का हीरो बन जाता है। क्या जानकी को पाने में गोविंद कामयाब होता है इसके लिए फिल्म देखना जरूरी है।
फिल्म में डायलॉग दमदार है। फिल्म की म्यूजिक भी ठीक-ठाक है। कलाकारों ने जबर्दस्त अभिनय किया है। सिर्फ कहानी और उसके प्रेजेंटेशन की कमी के चलते फिल्म कमजोर पड़ती नजर आई है। फिल्म की कहानी और उसके प्रेजेंटेशन को नजरअंदाज कर दें तो यह एक बेहतरीन फिल्म है, जिसे देखने के लिए दर्शक सिनेमाघरों तक जा सकते हैं। फिल्म की कहानी में कुछ भी नया नहीं है जबकि इसमें कुछ बदलाव करके कई दृश्यों को बेहतरीन बनाया जा सकता था। कलाकारों की दमदार एक्टिंग की वजह से फिल्म की कमजोर कहानी को नजरअंदाज किया जा सकता है। दर्शकों को राशा थडानी और अमन देवगन की एक्टिंग पसंद आ रही है।
