‘हर दिन नए विचार, लेकिन मन में बेचैनी…’, Amitabh Bachchan ने बताया कैसे इंटरनेट हमारी सोच को कर रहा प्रभावित
Amitabh Bachchan Blog: अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में डिजिटल युग के बढ़ते मानसिक दबाव पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि तेज रफ्तार जिंदगी और लगातार मिल रही जानकारी के कारण लोगों का फोकस भटक रहा है।
- Written By: सोनाली झा
अमिताभ बच्चन (फोटो-सोशल मीडिया)
Amitabh Bachchan Digital Age: सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने एक बार फिर अपने ब्लॉग के जरिए समाज के बदलते स्वरूप और डिजिटल दौर के असर पर गहरी बात कही है। उन्होंने आज के समय में लोगों के सोचने के तरीके, काम करने की गति और मानसिक दबाव को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। अमिताभ बच्चन ने लिखा कि आज का दौर पहले के मुकाबले बेहद तेज हो चुका है। जहां पहले लोग चीजों को धीरे-धीरे समझते और अपनाते थे, वहीं अब हर दिन नई जानकारी, नए आइडिया और नई चुनौतियां सामने आ रही हैं।
अमिताभ बच्चन ने बताया कि आज के समय में हर व्यक्ति एक साथ कई काम करने की कोशिश करता है, लेकिन यह संभव नहीं है। ऐसे में एक समय में एक काम का सिद्धांत अपनाने के बावजूद मन में बाकी कामों की चिंता बनी रहती है, जिससे बेचैनी बढ़ती जाती है। बिग बी के मुताबिक, इंटरनेट ने हमारी जिंदगी को आसान जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ ही यह ध्यान भटकाने का सबसे बड़ा कारण भी बन गया है।
जानकारी की भरमार और सही चुनाव की चुनौती
अमिताभ बच्चन ने लिखा कि जब हम किसी एक काम पर फोकस करना चाहते हैं, तभी इंटरनेट हमें कई अलग-अलग चीजों की ओर खींच लेता है। इस वजह से यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कौन सी जानकारी सच में जरूरी है और किसे नजरअंदाज करना चाहिए। अमिताभ बच्चन ने कहा कि आज जानकारी हासिल करना बेहद आसान हो गया है कि बस एक क्लिक पर सब कुछ मिल जाता है। लेकिन इसी सुविधा ने एक नई समस्या भी पैदा कर दी है।
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पुरानी यादें और आज का नजरिया
अमिताभ बच्चन ने यह भी कहा कि जो लोग पुराने दौर से आज के डिजिटल युग तक का सफर देख चुके हैं, उनके लिए यह बदलाव काफी दिलचस्प है। उनके मुताबिक, हर पीढ़ी अपने समय में जीती है कि जैसे आज के युवा ‘अभी’ में डूबे रहते हैं, वैसे ही पहले की पीढ़ी अपने दौर में डूबी रहती थी। समय के साथ नजरिया बदलता है, लेकिन अनुभव हमेशा खास रहते हैं। उन्होंने इशारों में यह समझाने की कोशिश की है कि तकनीक के साथ तालमेल जरूरी है, लेकिन खुद पर नियंत्रण और सही प्राथमिकताएं तय करना उससे भी ज्यादा जरूरी है।
