डकैत, भूत बंगला (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Bhoot Bangla And Dacoit Clash: फिल्म ‘मेजर’ से पैन इंडिया पहचान बनाने वाले अभिनेता अदिवी शेष अब अपनी नई फिल्म ‘डकैत: एक प्रेम कथा’ को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वह एक ऐसी कहानी लेकर आए हैं, जिसमें एक तीखी प्रेम कहानी को एक अलग और अनोखे बैकड्रॉप में पेश किया गया है।
अदिवी शेष ने बताया कि इस फिल्म को बनाने का उद्देश्य एक ऐसी लव स्टोरी दिखाना था, जो आमतौर पर दर्शकों को देखने को नहीं मिलती। उन्होंने पुराने दौर की फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे ‘शोले’ में आग, धूल, बंदूक और एक खास माहौल के बीच कहानी बुनी गई थी, उसी तरह ‘डकैत’ में भी गुस्से और संघर्ष के बीच पनपती प्रेम कहानी दिखाई जाएगी।
इस फिल्म की खास बात यह है कि इसे हिंदी और तेलुगु दोनों भाषाओं में अलग-अलग शूट किया गया है। अदिवी इसे पैन इंडिया फिल्म नहीं, बल्कि एक द्विभाषी फिल्म मानते हैं। उनके मुताबिक, दोनों भाषाओं में एक जैसे भाव और डायलॉग्स रखना आसान नहीं था, इसलिए टीम ने हर सीन को भाषा के अनुसार ढाला।
उन्होंने बताया कि कई बार हिंदी का कोई डायलॉग तेलुगु में उतना प्रभावी नहीं लगता, इसलिए भाव और प्रस्तुति में बदलाव किया गया। यहां तक कि कुछ छोटे किरदारों के लिए अलग-अलग कलाकारों को कास्ट किया गया, ताकि दोनों वर्जन में नैचुरल फील बना रहे।
फिल्म में ‘तू चीज बड़ी है मस्त मस्त’ गाने के रीक्रिएशन को लेकर भी अदिवी ने दिलचस्प वजह बताई। उन्होंने कहा कि यह गाना उनके बचपन की यादों से जुड़ा है और इसी कारण इसे फिल्म में शामिल किया गया है।
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रिलीज डेट को लेकर भी अदिवी शेष ने खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पहले फिल्म को 19 मार्च को रिलीज करने की योजना थी, लेकिन कुछ बड़ी फिल्मों के साथ टकराव के चलते इसे आगे बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दिया गया। अब संयोग से फिल्म का मुकाबला अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ से हो रहा है। उन्होंने साफ किया कि उनका किसी से टकराव का इरादा नहीं है और वह खुद अक्षय के बड़े फैन हैं।
अभिनय और लेखन के बीच संतुलन पर अदिवी ने कहा कि वह दोनों को समान महत्व देते हैं। जब वह लिखते हैं, तो पूरी तरह उसी में डूब जाते हैं और जब अभिनय करते हैं, तो उसी पर फोकस रखते हैं। इंटरनेट पर बढ़ती नकारात्मकता को लेकर उन्होंने स्वीकार किया कि यह हर किसी को प्रभावित करती है। हालांकि, अब उन्होंने इससे निपटना सीख लिया है और अपने काम पर ध्यान देना ही सबसे जरूरी मानते हैं।