आदित्य पंचोली (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Aditya Pancholi Moves Bombay High Court: मुंबई के चर्चित दुष्कर्म मामले में अभिनेता आदित्य पंचोली से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर सुर्खियों में है। बॉम्बे हाईकोर्ट में हाल ही में हुई सुनवाई के दौरान मामले ने नया मोड़ ले लिया। पंचोली ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की है, जिस पर अदालत ने विस्तृत सुनवाई शुरू कर दी है।
सुनवाई के दौरान मुंबई पुलिस ने अदालत को बताया कि शिकायत दर्ज कराने वाली अभिनेत्री अब तक जांच में सहयोग करने के लिए सामने नहीं आई हैं। पुलिस के अनुसार, उन्हें 11 बार नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन वह बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित नहीं हुईं।
इस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की और पुलिस को दोबारा नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि अगली तारीख पर शिकायतकर्ता की उपस्थिति जरूरी होगी। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय की गई है, जहां स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
यह मामला अंधेरी वेस्ट स्थित वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि करियर के शुरुआती दिनों में उनके साथ गंभीर अपराध हुआ। उनका दावा है कि उन्हें कथित तौर पर नशीला पदार्थ दिया गया और उसके बाद दुष्कर्म किया गया।
अभिनेत्री के मुताबिक, यह घटनाएं 2004 से 2009 के बीच की हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें ब्लैकमेल कर लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक शोषण सहना पड़ा। शिकायत में निजी तस्वीरों को सार्वजनिक करने की धमकी देने की बात भी कही गई है।
आदित्य पंचोली और उनके वकील ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि मामला पूरी तरह से झूठा और दुर्भावनापूर्ण है। बचाव पक्ष का तर्क है कि शिकायत काफी वर्षों बाद दर्ज की गई, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। इन्हीं आधारों पर पंचोली ने हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जा रहा है।
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अब यह मामला 24 फरवरी की सुनवाई पर निर्भर है। अदालत यह तय करेगी कि जांच आगे कैसे बढ़ेगी और एफआईआर को लेकर क्या रुख अपनाया जाएगा। फिलहाल, यह केस एक बार फिर कानूनी और सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।