‘आमी इस्तीफा ना देबो’, ममता के इस्तीफा न देने पर क्या होगा? बंगाल सीईओ ने क्या जवाब दिया
Bengal Politics: बंगाल चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद ममता बनर्जी तमतमाई हुईं हैं। हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता ने सीएम कुर्सी न छोड़ने की बात कही। जानिए फिर बंगाल सीईओ ने क्या कहा।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mamata Banerjee Latest Controversy: 4 मई को बंगाल चुनाव के परिणाम आए। भाजपा ने टीएमसी को हराकर शानदार जीत हासिल की। अब ममता बनर्जी ने कहा है कि वो इस्तीफा नहीं देंगी। ममता ने कहा कि वो हारी नहीं हैं, इसलिए इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता है।
ममता ने चुनाव परिणामों पर संदेह जताते हुए आरोप लगाया कि चुनाव परिणाम भाजपा के साथ मिलीभगत से चुनाव आयोग द्वारा रची गई साजिश है। अब अगर ममता बनर्जी ने सीएम की कुर्सी नहीं छोड़ी लो क्या होगा। मामले पर निर्वाचन आयोग ने भी प्रतिक्रिया दी है। पहले समझिए ममता बनर्जी ने क्या कहा।
ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा?
टीएमसी ने भाजपा के साथ-साथ चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाए हैं। ममता ने कहा कि “तृणमूल कांग्रेस ने न केवल भाजपा के खिलाफ बल्कि चुनाव आयोग के खिलाफ भी चुनाव लड़ा है। आयोग ने भाजपा के लिए काम किया है। मै चुनाव हारी नहीं हूं, इसलिए इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। मैं हारी नहीं हूं, इसलिए लोकभवन जाकर इस्तीफा देने का भी सवाल ही नहीं उठता।”
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क्या बोला चुनाव आयोग?
बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि वह कई बार सांसद और विधायक रह चुकी हैं और उन्हें संविधान के नियमों की पूरी जानकारी है। वह यह भी जानती है कि कानून सभी के लिए बराबर है। आयोग ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इनको निराधार और निष्पक्ष बताया। चुनाव अधिकारी ने इस चुनाव को पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होने का दावा किया। ये सभी निर्धारित नियमों और कानूनों के हिसाब से पूरी हुई। आयोग के अधिकारियों ने निगरानी में किसी भी प्रकार की चूक के आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सीसीटीवी कवरेज चलता रहा।
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आयोग के अधिकारी की मानें तो उम्मीदवार के रिक्वेस्ट पर थोड़ी देर के लिए वोटिंग रोकी गई थी। इसे बाद में दोबारा शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही अधिकारी ने यह भी कहा कि सीसीटीवी कभी भी बंद नहीं किया गया। उम्मीदवार और सीएम के साथ किसी भी प्रकार की धक्का-मुक्की को पूरी तरह निराधार और कोरी कल्पना बताया। अब देखना यह है कि बंगाल में कुर्सी की यह खींचतान कब तक चलती है।
