बंगाल-तमिलनाडु में आज थम जाएगा सियासी शोर, दिग्गजों ने झोंक दी पूरी ताकत, 23 को पड़ेंगे वोट
Election Campaign Ends Today: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मंगलवार शाम चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। अमित शाह आज बंगाल में चार बड़ी रैलियां कर रहे हैं। बंगाल-तमिलनाडु में 23 को मतदान होगा।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Assembly Election 2026: तमिलनाडु की सभी सीटों और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के लिए चल रहा धुंआधार चुनाव प्रचार मंगलवार की शाम पूरी तरह खामोश हो जाएगा। पिछले कई हफ्तों से चल रही रैलियों, रोड शो और नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी का दौर अब शांत होने वाला है।
चुनाव आयोग के कड़े नियमों के मुताबिक, मतदान से ठीक 48 घंटे पहले सार्वजनिक प्रचार पर रोक लग जाती है ताकि मतदाता बिना किसी दबाव के अपना फैसला ले सकें। इस बीच, भाजपा ने बंगाल में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, जहां आज देश के गृह मंत्री खुद मोर्चा संभाले हुए हैं।
चुनावी समर में आज अमित शाह की चार हुंकार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज बंगाल के चार अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित कर रहे हैं। उनकी रैलियों का यह सिलसिला सुबह साढ़े दस बजे दार्जिलिंग के कुर्सियोंग से शुरू हो चुका है। इसके बाद वे दोपहर में पश्चिम बर्धमान के कुल्टी और फिर मेदिनीपुर के सालबोनी में जनता से रूबरू होंगे। दिन की आखिरी सभा पूर्व मेदिनीपुर के चांदीपुर में रखी गई है। कुल मिलाकर अब भाजपा इन रैलियों के जरिए न केवल अपने कैडर में जोश भरना चाहती है, बल्कि उन सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है जहां मुकाबला बेहद कड़ा माना जा रहा है।
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तमिलनाडु की सभी सीटों पर साख की लड़ाई
दक्षिण भारत के इस राज्य में मंगलवार शाम पांच बजे के बाद लाउडस्पीकरों की आवाज शांत हो जाएंगी। तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक साथ 23 अप्रैल को मतदान होना है। इस महामुकाबले में चार हजार से ज्यादा उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यहां इस बार मुकाबला केवल पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच नहीं है, बल्कि अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने कई क्षेत्रों में मुकाबले को त्रिकोणीय और रोमांचक बना दिया है।
राज्य के लगभग पौने छह करोड़ मतदाता यह तय करेंगे कि वे स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार पर दोबारा भरोसा जताते हैं या फिर बदलाव की राह चुनते हैं। चुनाव आयोग ने यहां भारी संख्या में मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाए हैं। इसके साथ ही सुरक्षा बलों की भारी टुकड़ियों ने भी मोर्चा संभाल रखा है, जिससे किसी प्रकार की समस्या न आने पाए।
बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 को
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इनमें उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी जैसे जिलों से लेकर दक्षिण बंगाल के मेदिनीपुर और झाड़ग्राम तक का इलाका शामिल है। पहले चरण में लगभग 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा मतदाता करेंगे।
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सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील माने जाने वाले इन इलाकों में चुनाव आयोग ने केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और सीमावर्ती जिलों में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। यहां भाजपा और टीएमसी के बीच सीधे वर्चस्व की लड़ाई देखी जा रही है।
शाम 5 बजे के बाद थम जाएगा प्रचार, सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर
शाम पांच बजे के बाद जब सार्वजनिक प्रचार थमेगा, तब निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार धारा 144 लागू कर दी जाएगी और बाहरी लोगों को चुनावी क्षेत्रों से बाहर जाना होगा। प्रचार का शोर खत्म होने के बाद अब उम्मीदवारों का पूरा ध्यान ‘डोर-टू-डोर’ संपर्क पर रहेगा, जहां वे मतदाताओं के घर जाकर व्यक्तिगत रूप से समर्थन मांग सकेंगे।
प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी के जरिए माहौल न बिगड़ा जा सके। 23 अप्रैल को सुबह सात बजे से मतदान शुरू होगा और नतीजे आगामी चार मई को देश के सामने आएंगे।
