

Rekha Gupta Kolkata Roadshow: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की सड़कें सोमवार शाम एक अनोखे और तनावपूर्ण मंजर की गवाह बनीं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता वहां भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में रोडशो कर रही थीं, तभी अचानक एक इलाके की बत्तियां गुल हो गई और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।
इस घटना ने बंगाल की चुनावी राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसे लेकर भाजपा अब टीएमसी सरकार पर हमलावर है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे महज एक तकनीकी खराबी न मानकर अपनी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ और चुनाव प्रचार रोकने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
अंधेरे के बीच भी रोडशो में हजारों लोगों की भारी भीड़ उमड़ी रही, जिन्हें संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता काफी आक्रामक नजर आईं। उन्होंने साफ तौर पर आरोप लगाया कि स्ट्रीटलाइटें जान-बूझकर बंद की गई हैं ताकि भाजपा के प्रचार अभियान में अड़ंगा डाला जा सके। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस तरह के कृत्यों से न केवल उनका प्रचार बाधित हुआ, बल्कि वहां मौजूद हजारों समर्थकों की जान भी जोखिम में डाल दी गई है। उन्होंने मीडिया के सामने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि इस अंधेरे की वजह से गलियों में कोई भी दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जवाबदेही टीएमसी सरकार, उनके प्रशासन और समर्थकों की होगी। इस घटना ने चुनावी माहौल में कड़वाहट और बढ़ा दी है।
रेखा गुप्ता ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को सीधे तौर पर निशाने पर लेते हुए कहा कि जब एक दूसरे राज्य की मुख्यमंत्री वहां मौजूद हैं, तो ऐसी स्थिति में सुरक्षा में कोई भी चूक बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने इस घटना को लेकर ममता दीदी पर तीखा प्रहार किया और कहा कि सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की बनती है।
रेखा गुप्ता ने दावा किया कि हर कोई देख रहा है कि जनता किस तरह भाजपा उम्मीदवारों को अपना आशीर्वाद दे रही है। उनके अनुसार बंगाल में अब बदलाव की बयार चल रही है और इस बार निश्चित रूप से भाजपा ही सत्ता में वापसी करेगी। रोडशो में उमड़ी इस भारी भीड़ को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास और सुशासन के विजन के पक्ष में एक स्पष्ट संकेत बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया और टीएमसी के रिकॉर्ड पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की महिलाओं को न तो सुरक्षा मिली है और न ही वह सम्मान जिसकी वे हकदार हैं। ममता बनर्जी के पुराने बयानों का संदर्भ देते हुए रेखा गुप्ता ने पूछा कि उन बातों को कैसे भुलाया जा सकता है जिनमें महिलाओं के रात में बाहर निकलने पर ही सवाल उठा दिए गए थे। उनके मुताबिक आज पूरे बंगाल की महिलाओं में डर और दहशत का माहौल बना हुआ है। उन्होंने पिछले 15 वर्षों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है जो कि बेहद अन्यायपूर्ण है।