भवानीपुर में धरने पर बैठीं ममता बनर्जी, दूसरे चरण की वोटिंग के बीच सियासी बवाल! देखें VIDEO
West Bengal Assembly Elections: भवानीपुर में मतदान के बीच धरने पर बैठीं ममता बनर्जी! सुरक्षा बलों और ऑब्जर्वर्स पर लगाए गंभीर आरोप। 142 सीटों पर जारी वोटिंग के दौरान बढ़ा राजनीतिक तनाव।
- Written By: अर्पित शुक्ला
भवानीपुर में धरने पर बैठीं ममता बनर्जी (Image- Social Media)
West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज माहौल बेहद तनावपूर्ण और निर्णायक बना हुआ है। Mamata Banerjee, जो भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार हैं, धरने पर बैठ गई हैं और चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी ऑब्जर्वर और सुरक्षा बलों की भूमिका निष्पक्ष नहीं है। ममता बनर्जी का कहना है कि उनके क्षेत्र से पोस्टर हटाए जा रहे हैं और माहौल प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि “वोट सिर्फ जनता डालती है, पुलिस या सुरक्षा बल नहीं”, और चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप लगाए।
142 सीटों पर हो रहा मतदान
यह पूरा घटनाक्रम दूसरे और अंतिम चरण के दौरान सामने आया है, जिसमें दक्षिण बंगाल की 142 सीटों पर मतदान हो रहा है। पहले चरण में रिकॉर्ड 92% मतदान दर्ज हुआ था, जिससे इस चरण को बेहद अहम माना जा रहा है।
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#WATCH | TMC Chairperson and CM Mamata Banerjee is present outside a polling station in Chakraberia Sarbojanin, Bhabanipur, as West Bengal votes in the final phase of the State elections. She is contesting from this assembly constituency pic.twitter.com/KVsnYjFtp8 — ANI (@ANI) April 29, 2026
आज कोलकाता की भवानीपुर सीट पर भी मतदान जारी है, जहां ममता बनर्जी का सीधा मुकाबला विपक्षी उम्मीदवारों से माना जा रहा है। यह सीट उनके राजनीतिक प्रभाव का केंद्र भी रही है और 2021 में उन्होंने यहां उपचुनाव में जीत दर्ज कर मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा था।
बंगाली अस्मिता का चुनाव
इस चुनाव में विपक्षी दल भाजपा ने भ्रष्टाचार, घुसपैठ और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी है। वहीं टीएमसी अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और “बंगाली अस्मिता” के आधार पर चुनाव लड़ रही है।
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इस बीच चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा भी गर्म है। टीएमसी इसे वोटर अधिकारों पर हमला बता रही है, जबकि बीजेपी इसे अवैध घुसपैठियों को हटाने की प्रक्रिया बता रही है।
दक्षिण बंगाल, जहां 2021 में टीएमसी ने 142 में से 123 सीटें जीती थीं, इस बार भी सत्ता की कुंजी माना जा रहा है। ऐसे में इस चरण का परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
