महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों की नहीं रहीं कोई विचारधारा, जनसभा रैली में के दौरान AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने लगाए आरोप
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया कि उनमें कोई विचारधारा नहीं बची है। साथ ही कहा कि विभाजनकारी राजनीति करने वाले लोग उन्हें सांप्रदायिक करार दे रहे हैं।
- Written By: प्रिया जैस
अकबरुद्दीन ओवैसी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने एक सार्वजनिक रैली को संबोधित किया और राजनीतिक पार्टियों पर आरोप लगाया।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को महाराष्ट्र के राजनीतिक दलों पर आरोप लगाया कि उनमें कोई विचारधारा नहीं बची है। साथ ही कहा कि विभाजनकारी राजनीति करने वाले लोग उन्हें सांप्रदायिक करार दे रहे हैं।
सभी का है देश
नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने यह भी कहा कि यह देश सभी समुदायों का समान रूप से है – चाहे वे पगड़ी या टोपी पहनते हों या वे जो माथे पर तिलक लगाते हों। तेलंगाना के AIMIM विधायक ओवैसी यहां अमखास मैदान में अपनी पार्टी के उम्मीदवारों इम्तियाज जलील और नसीर सिद्दीकी के लिए प्रचार करने के लिए आयोजित एक सार्वजनिक रैली को संबोधित कर रहे थे।
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जलील 20 नवंबर को होने वाले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में औरंगाबाद पूर्व से तो वहीं सिद्दीकी औरंगाबाद मध्य से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी पार्टी (AIMIM) मुस्लिम, दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और मराठों की आवाज उठाती है। मैं भड़काऊ भाषण नहीं देता। जो लोग ‘बंटोगे तो कटोगे’ की बात करते हैं, वे मुझे सांप्रदायिक कहते हैं।”
देश को कमजोर बनाती है हिंसा
AIMIM के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘‘भीड़ द्वारा हत्या, ‘घर वापसी’, टोपी और दाढ़ी पर बहस और हिंदू-मुस्लिम के बीच भेद – क्या ऐसी चीजें देश को कमजोर नहीं बनाती हैं?” ओवैसी ने महाराष्ट्र की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ‘‘2019 में चार प्रमुख राजनीतिक दल थे। लेकिन अब दो शिवसेना और दो राकांपा हैं। इन पार्टियों ने अलग-अलग विचारधारा वाले लोगों से हाथ मिला लिया। लेकिन, क्या कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी शिवसेना (यूबीटी) को धर्मनिरपेक्षता सिखाई या शिवसेना (यूबीटी) ने कांग्रेस को हिंदुत्व सिखाया। महाराष्ट्र के दलों में कोई विचारधारा नहीं बची है।”
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(एजेंसी इनपुट के साथ)
