
अहेरी विधानसभा सीट का इतिहास
गढ़चिरौली: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। सभी पार्टियों ने अपनी प्लानिंग शुरू कर दी है। ऐसे में हम आपको एक-एक कर के सभी विधानसभा सीटों के इतिहास के बारे में बातएंगे। आज हम अहेरी विधासभा सीट के बारे में बात करेंगे। अहेरी विधानसभा सीट गढ़चिरौली संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
यह निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जनजाति उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है। 26 अगस्त 1982 को गढ़चिरौली को चंद्रपुर से अलग होकर स्वतंत्र जिले का दर्जा मिला था। हालांकि इसके बाद भी कई सालों तक गढ़चिरौली चंद्रपुर लोकसभा क्षेत्र में शामिल रहा। जिसके बाद 2009 में एक बार फिर निर्वाचन क्षेत्र का पुनर्गठन किया गया। तब जाकर गढ़चिरौली चिमूर लोकसभा क्षेत्र का गठन किया गया। यह निर्वाचन क्षेत्र तीन जिलों गढ़चिरौली, चंद्रपुर से होते हुए गोंदिया तक फैला हुआ है।
गढ़चिरौली निर्वाचन क्षेत्र तीन राज्यों का बॉर्डर एरिया है। महाराष्ट्र के अलावा यहां से तेलंगाना और छत्तीसगढ़ राज्य का भी बॉर्डर लगता है। इस संसदीय क्षेत्र में कई नदियां हैं। जिसके कारण बाढ़ का खतरा बना रहता है।
बता दें कि अहेरी एकमात्र ऐसा सीट है जहां एनसीपी का कब्जा है। यहां धर्मराव अत्राम विधायक हैं। हालांकि पार्टियों के तोड़-जोड़ का असर यहां भी हुआ है। 2019 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ खड़ी एनसीपी में फूट पड़ गई। जिसके बाद अहेरी विधायक धर्मराव बाबा अत्राम अजित पवार के साथ हैं।
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2019 के डेटा के मुताबिक इस क्षेत्र में कुल 166287 मतदाता हैं। जिनमे से 119591 पुरुष और 116807 मतादाओं की संख्या हैं। वहीं 2 थर्ड जेंडर के मतदाताओं का नाम भी वोटर लिस्ट में शामिल हैं। इस क्षेत्र में मदावी समुदाय के लोगों का दबदबा है, लगभग 5 प्रतिशत मतदाता इस समुदाय से आते हैं। इसके अलावा ट्राम और मुस्लिम समुदाय के मतदाता का भी क्षेत्र में वर्चस्व रहा है। दोनों समुदायों से लगभग 3.5 प्रतिशत मतदाताओं की संख्या है।
2019 विधानसभा चुनाव में एनसीपी उम्मीदवार आत्राम धरमरावबाबा भगवंतराव ने बाजी मारी थी। उनहें कुल 60,013 वोट प्राप्त हुए थे। वहीं दूसरे नंबर पर 44,555 वोट के साथ बीजेपी उम्मीदवार अमरीश राजे अत्रम का नाम है। वहीं तीसरे नंबर पर दीपकदादा अत्राम ने 43,022 वोट प्राप्त किया था।
वहीं 2014 चुनाव की बात करें तो भाजपा उम्मीदवार अंबरीशराव अत्राम ने जीत दर्ज की थी। वहीं दूसरे नंबर पर एनसीपी उम्मीदवार धर्मराव बाबा अत्राम का नाम था और तीसरे नंबर पर स्वतंत्र उम्मीदवार दीपकदादा अत्राम का नाम रहा। उन्होंने कुल 33,555 वोट प्राप्त किया था।
इससे पहले 2009 विधानसभा चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार दीपक मल्लाजी अत्राम ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने कुल 61,894 वोट प्राप्त किए थे। इस चुनाव में दूसरे नंबर पर 36,697 वोटों के साथ एनसीपी नेता धर्मराव बाबा भगवंतराव अत्राम का नाम रहा। वहीं तीसरे नंबर पर एक और स्वतंत्र उम्मीदवार संतोष गट्टू मडावी ने नाम दर्ज कराया था। उन्हें कुल 8,036 वोट प्राप्त हुए थे।






