शरद पवार गुट ने जितेंद्र आव्हाड को बनाया विधायक दल का नेता, राेहित पाटिल और उत्तम जानकर को मिली ये जिम्मेदारी

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने विधायकों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में पार्टी की ओर से अहम फैसले लिए गए हैं।
शरद पवार गुट ने जितेंद्र आव्हाड को बनाया विधायक दल का नेता, राेहित पाटिल और उत्तम जानकर को मिली ये जिम्मेदारी
शरद पवार और जितेंद्र आव्हाड (सोर्स: सोशल मीडिया)
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मुंबई: विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद शरद पवार का गुट आगे की तैयारी में जुट गया है। विधानसभा चुनाव के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने विधायकों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में पार्टी की ओर से अहम फैसले लिए गए हैं। एनसीपी (एसपी) के विधायक जितेंद्र आव्हाड को विधायक दल को नेता चुना गया है। वहीं रोहित आरआर पाटिल को चीफ व्हिप तो उत्तम जानकार को सचेतक नियुक्त किया गया है। इन तीनों नेताओं को जिम्मेदारी सौंपने की जानकारी जयंत पाटिल ने दी।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस मौके पर जयंत पाटिल ने कहा कि आज विधायक दल के नेता का चुनाव नहीं हुआ है। संदीप क्षीरसागर आज उपस्थित नहीं थे। हालांकि हमारी संख्या कम है, हम लोगों की चिंताओं को उठाएंगे। मतदान के दिन शाम पांच बजे के बाद मतदान कैसे बढ़ गया, इस पर सभी ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर फॉर्म 17 और वोट डेटा मेल नहीं खाते हैं तो यह बहुत गंभीर है।

उत्तम जानकर के निर्वाचन क्षेत्र में हुई गड़बड़ी

जयंत पाटिल ने कहा कि चुनाव में काफी गड़बड़ी हुई है। उत्तम जानकर के निर्वाचन क्षेत्र मर्कटवाड़ी के लोक मतपत्र पर मतदान करने जा रहे हैं। वहां मंगलवार को वोटिंग होगी। उनका कहना है कि उस गांव में विपक्षी उम्मीदवार को इतने वोट मिलना संभव नहीं है। हम मतपत्र पर चुनाव का समर्थन करते हैं। राजू खरे के विधानसभा क्षेत्र में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास 14 फोन, 14 लैपटॉप थे। जब खरे जीत गए तो उसने उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस ने वहां शिकायत भी नहीं ली। उन्होंने कहा है कि बाबा आढाव द्वारा शुरू किए गए आंदोलन को पूरे राज्य में लागू करने की जरूरत है।

चुनाव आयोग की वेबसाइट बंद कर दी

शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल ने आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट बंद कर दी गई। यह एक गलती है। संदेह है कि यह जानकारी को दबाने का एक तरीका है। सरकार लाडली बहनों की संख्या कम करने का प्रयास कर रही है।

65 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को भी योजना का मौका दिया जाना चाहिए और 2100 रुपए से शुरुआत करनी चाहिए। सोयाबीन का भाव 6000 रुपए जयंत पाटिल ने यह भी मांग की है कि जल्द ही शपथ दिलाकर लोगों को राहत दी जाए।

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