
नई दिल्ली: भाजपा ने रेखा गुप्ता को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया है। जबकि प्रवेश वर्मा को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। विधायक दल की बैठक में प्रवेश वर्मा ने ही रेखा गुप्ता के नाम का प्रस्ताव रखा। जिस पर सभी विधायकों ने सहमति जताई। जिसके बाद पर्यवेक्षक रविशंकर प्रसाद ने उनके नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया।
दिल्ली की डिप्टी सीएम बनने के बाद लोग यह जानने के लिए काफी उत्साहित हैं कि आखिर रेखा गुप्ता का राजनैतिक बैकग्राउंड क्या है। उनके सियासी सफर की शुरुआत कहां से हुई। उनका संघर्ष कैसा रहा? जिसका प्रतिफल आज उन्हें सीएम के तौर पर मिला है। तो चलिए जानते हैं रेखा गुप्ता का सियासी सफर…
रेखा गुप्ता का जन्म 19 जुलाई 1974 को हरियाणा के जुलाना में हुआ था। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सक्रिय सदस्य रही हैं। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से हुई। वर्ष 1992 में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में शामिल हो गईं।
दिल्ली की नई सीएम रेखा गुप्ता ने वर्ष 1994-95 में दौलत राम कॉलेज की सचिव और उसके बाद 1995-96 में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की सचिव के रूप में काम किया। इसके बाद 1996-97 में वह DUSU की अध्यक्ष बनीं। उन्होंने 2003-2004 तक भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा दिल्ली की सचिव के रूप में काम किया है।
वर्ष 2007 और 2012 में वह उत्तरी पीतमपुरा (वार्ड-54) की पार्षद चुनी गईं। नगर पार्षद बनने के बाद उन्हें 2007-2009 तक महिला कल्याण एवं बाल विकास समिति का अध्यक्ष बनाया गया। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रेखा गुप्ता दिल्ली की चौथी महिला सीएम बनेंगी। वहीं, रेखा गुप्ता वर्तमान में देश की दूसरी महिला सीएम बनी हैं। रेखा शालीमार बाग से विधायक हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी की नेता बंदना कुमारी को 29 हजार 595 वोटों से हराया है। बता दें कि रेखा गुप्ता भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।






