छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान विवाद पर भड़के संजय राउत, बोले- क्या देश में और कोई मुद्दा नहीं बचा?

Tipu Sultan Controversy: महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना पर मचे सियासी बवाल के बीच संजय राउत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश बताया।
Sanjay Raut On Shivaji Maharaj Tipu Sultan Comparison
संजय राउत (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sanjay Raut On Shivaji Maharaj Comparison: महाराष्ट्र की राजनीति में 'टीपू सुल्तान' बनाम 'छत्रपति शिवाजी महाराज' का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। इस विवाद पर अपनी बेबाक राय रखते हुए शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर तीखा हमला बोला है। राउत ने स्पष्ट किया कि छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना किसी से भी नहीं की जा सकती, लेकिन साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश में किसानों और बेरोजगारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे खत्म हो गए हैं जो बार-बार इतिहास को खोदकर विवाद पैदा किया जा रहा है।

"शिवाजी महाराज की तुलना असंभव"

हाल ही में महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा टीपू सुल्तान की तुलना शिवाजी महाराज से किए जाने के बाद राज्य में राजनीतिक भूचाल आ गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कहा, "छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे आराध्य देव हैं। उनकी तुलना दुनिया के किसी भी योद्धा या राजा से नहीं की जा सकती। वह अद्वितीय हैं। लेकिन बार-बार इस तरह के विवाद पैदा करना महाराष्ट्र के माहौल को खराब करने की कोशिश है।"

असली मुद्दों पर घेरा

संजय राउत ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी चुनाव करीब आते हैं या सरकार विफल होती है, तो औरंगजेब और टीपू सुल्तान जैसे मुद्दों को कब्र से बाहर निकाला जाता है। उन्होंने कहा, "क्या इस देश और महाराष्ट्र में अब कोई और मुद्दा नहीं बचा है? किसान आत्महत्या कर रहे हैं, युवा बेरोजगार भटक रहे हैं, महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है और महंगाई आसमान छू रही है। लेकिन इन पर कोई चर्चा नहीं करना चाहता।"

बीजेपी पर ढोंग का आरोप

राउत यहीं नहीं रुके, उन्होंने बीजेपी के 'राष्ट्रवाद' पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो बीजेपी टीपू सुल्तान के नाम पर इतना विरोध प्रदर्शन कर रही है, वही पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने के समय चुप क्यों हो जाती है? उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान टीपू सुल्तान को अपना नायक मानता है, तो फिर बीजेपी सरकार उसके साथ व्यापार और खेल के रिश्ते क्यों बनाए हुए है? उन्होंने इसे बीजेपी का 'ढोंग' करार दिया।

मालेगांव विवाद का अंत होना चाहिए

संजय राउत ने कहा कि मालेगांव के डिप्टी मेयर के केबिन से टीपू सुल्तान की तस्वीर हटाए जाने के बाद यह मामला वहीं खत्म हो जाना चाहिए था। इसे बेवजह खींचकर समाज में ध्रुवीकरण करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे भावनात्मक मुद्दों के बजाय रोटी, कपड़ा और मकान जैसे बुनियादी सवालों पर सरकार को घेरें।

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