बगलान विधानसभा सीट: हर बार होता है बदलाव, इस सीट को रिटेन करना BJP के लिए बड़ी चुनौती
बगलान (एसटी) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र महाराष्ट्र नासिक जिले में स्थित है और धुले संसदीय सीट के अंतर्गत आती है। यह सीट आदिवासी बहुल क्षेत्र में होने के कारण यह एक ST श्रेणी की विधानसभा सीट है।
- Written By: आकाश मसने
(डिजाइन फोटो)
नासिक: बगलान (एसटी) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र महाराष्ट्र नासिक जिले में स्थित है और धुले संसदीय सीट के अंतर्गत आती है। यह सीट आदिवासी बहुल क्षेत्र में होने के कारण यह एक ST श्रेणी की विधानसभा सीट है। बागलान (एसटी) विधानसभा सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 2 लाख 76 हजार 851 है, जिसमें से एसटी मतदाताओं की संख्या लगभग 1 एक लाख 15,751 है जो लगभग 40.02% है। वहीं इस सीट पर एससी मतदाताओं की संख्या लगभग 14 हजार से अधिक है। मतदाता सूची के अनुसार बगलान (एसटी) विधानसभा सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 6,942 है जो 2.4% है।
बगलान विधानसभा क्षेत्र 1962 से अस्तित्व में है। बगलान सीट पहले कांग्रेस की गढ़ माना जाता था। यहां 1962 से 1995 तक कांग्रेस का कब्जा रहा है। 1995 के विधानसभा चुनाव में दिलीप मंगलू बोरसे ने कांग्रेस के विजय रथ को राेका। इसके बाद यहां भाजपा और एनसीपी ने चुनाव जीते। पिछले कुछ सालों में इस सीट के मतदाताओं ने हर बार बदलाव किया। एक बार भाजपा तो दूसरी बार एनसीपी ने इस सीट से जीत दर्ज की।
भाजपा के लिए चुनौती
1999 में पहली बार बगलान सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की। 1999 के बाद 2009 और 2019 भाजपा ने यहां से जीत दर्ज की। यहां के मतदाताओं ने हमेशा बदलाव के ट्रेंड रखा। इस ट्रेंड को देखते हुए कहा जा रहा है कि 2024 के चुनाव में भाजपा के लिए इस सीट को रिटेन कर पाना बड़ी चुनौती होगा।
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अब तक के विधायक
- 1962: पंडित धर्मा सोनावणे- कांग्रेस
- 1967: पंडित धर्मा पाटिल- कांग्रेस
- 1972: मोथाभाऊ गोरख भामरे- कांग्रेस
- 1978: पवार लक्ष्मण तोताराम- कांग्रेस
- 1980: पवार लक्ष्मण तोताराम- कांग्रेस
- 1985: गांगुर्डे रूंजा पुंजाराम- भारतीय कांग्रेस (समाजवादी)
- 1990: अहिरे लहानु बाला- कांग्रेस
- 1995: दिलीप मंगलू बोरसे- निर्दलीय
- 1999: अहिरे शंकर दौलत- भारतीय जनता पार्टी
- 2004: संजय कांतिलाल चव्हाण- निर्दलीय
- 2009: उमाजी मंगलू बोरसे- भारतीय जनता पार्टी
- 2014: दीपिका संजय चव्हाण- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
- 2019 दिलीप मंगलू बोरसे- भारतीय जनता पार्टी
निर्दलियों का भी बोलबाला
बगलान विधानसभा सीट पर वैसे तो पहले कांग्रेस और पिछले कुछ सालों में भाजपा की पकड़ मजबूत दिखती है लेकिन यहां दो बार निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी बाजी मारी हैं। 1995 और 2004 के विधानसभा चुनाव में यहां से निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। मौजूदा भाजपा विधायक दिलीप बोरसे ने पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में इस सीट से चुनावी लड़ाई में जीत हासिल की थी।
इस बार के समीकरण
बगलान विधानसभा सीट पर 1990 के बाद के ट्रेंड को देखते हुए कहा जा रहा है कि इस बार भाजपा के लिए यहां बड़ी चुनौती होगी। महायुति और महा विकास आघाड़ी के यह सीट इसके खाते में जाती है यह देखने वाली बात होगी। महायुति में यह सीट भाजपा लड़ सकती है। वहीं महा विकास आघाड़ी से इस सीट पर शरद पवार की एनसीपी दावा कर सकती है। ऐसे में भाजपा बनाम एनसीपी होने की संभावना जताई जा रही है।
