तासगांव- कवठे महांकाल विधानसभा सीट: 1990 से NCP के आर आर पाटिल के परिवार का राज, इस बार बेटा रोहित बचा पाएगा ताज?
तासगांव-कवठे महांकाल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सांगली जिले में स्थित है। यह सीट सांगली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। तासगांव - कवठे महांकाल विधानसभा सीट 2008 में हु़ए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई।
- Written By: आकाश मसने
(डिजाइन फोटो)
सांगली: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। नामांकन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 29 अब्टूबर नामांकन की अंतिम तिथि है। सभी पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा करना भी शुरू कर दिया है। जिन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा हो चुकी है। वहां प्रत्याशी अपने चुनावी अभियान में जुट गए है। लेकिन जहां उम्मीदवारों की घोषणा अब तक नहीं हुई है। वहां जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं इच्छुक प्रत्याशियों के दिल की धड़कने तेज हो रही है।
इस चुनावी माहौल में हम भी आप तक हर विधानसभा सीट का गुणा-गणित समझाने के लिए हर सीट का विश्लेषण लेकर आ रहे है। विश्लेषण की इस कड़ी में आज बात करेंगे सांगली जिले की तासगांव – कवठे महांकाल विधानसभा सीट की। 2024 के विधानसभा चुनाव में इस सभी पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुट आमने सामने हाेंगे।
तासगांव-कवठे महांकाल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सांगली जिले में स्थित है। यह सीट सांगली लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। तासगांव – कवठे महांकाल विधानसभा सीट 2008 में हु़ए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई। इससे पहले यह तासगांव और कवठे महांकाल अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र हुआ करते थे।
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तासगांव-कवठे महांकाल पर एनसीपी का दबदबा
इस सीट पर हमेशा से ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का दबदबा रहा है। 1990 से 2015 तक एनसीपी के कद्दावर नेता व महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री आरआर पाटिल तासगांव विधानसभा सीट से विधायक रहे। परिसीमन के बाद भी यहां एनसीपी का ही कब्जा रहा। आरआर पाटिल के निधन के बाद 2015 में हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी सुमनताई पाटिल ने इस सीट से जीत दर्ज की। तब से सुमनताई पाटिल यहां से विधायक है।
तासगांव-कवठे महांकाल विधानसभा सीट पर पाटिल परिवार का राज
- 2019 सुमनताई आर पाटिल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
- 2015 उपचुनाव: सुमनताई आर पाटिल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
- 2014 आर. आर. पाटिल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
- 2009 आर. आर. पाटिल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी
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तासगांव-कवठे महांकाल का जातीय समीकरण?
तासगांव-कवठे महांकाल विधानसभा सीट पर ओबीसी मतदाताओं का दबदबा है। 2019 के आंकड़ों के मुताबिक कुल 2 लाख 95 हजार 83 मतदाता है। जिसमें से दलित मतदाताओं की संख्या लगभग 34,551 है जो 11.82 फीसदी है। वहीं 3.7 फीसदी के लगभग मुस्लिम मतदाता है।
2024 में क्या होगा राजनीतिक समीकरण?
परिसीमन के पहले हो या बाद की स्थिति का आंकलन करे तो पता चलता है कि यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस का दबदबा रहा है। वहीं परिसीमन के पहले से यानी 1990 से यहां आर आर पाटिल के परिवार के सदस्य ही जीतते आए हैं। इस बार यहां एनसीपी के दोनों गुटों ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे है। यह मुबाकला देखने लायक होगा।
रोहित बनाम संजयकाका पाटिल को होगा मुकाबला
शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने आर आर पाटिल के बेटे रोहित पाटिल को यहां से मैदान में उतारा है तो वहीं उपमुख्यमंत्री अजित पवार की एनसीपी ने पूर्व सांसद व हाल ही में बीजेपी से एनसीपी में आए संजयकाका पाटिल को टिकट दिया है।
