पीएम मोदी व निर्मला सीतारमण (सोर्स- सोशल मीडिया)
Budget 2026 Expectations for Election States: केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पेश कर रही हैं। इस साल कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में चुनावी समीकरणों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसकी पहली बानगी निर्मला सीतारमण के पहनावे में दिख गई है। इस बार वित्त मंत्री ने बैंगनी रंग की कांजीवरम साड़ी पहनी हुई है, जो कि तमिलनाडु की संस्कृति का हिस्सा है। इससे यह तो साफ है कि चुनावी राज्यों के लिए बजट में खास प्रावधान होने वाले हैं।
पिछली बार निर्मला सीतारमण ने मधुबनी प्रिंट की साड़ी पहनी थी। पिछले साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने थे। तब बजट में बिहार के लिए कई बड़े ऐलान किए गए थे। जिनमें मखाना बोर्ड का गठन, एयरपोर्ट, फूड प्रोसेसिंग इंस्टीट्यूट, पटना IIT और हवाई अड्डों का विस्तार शामिल था। इसके साथ ही कई अन्य बड़े ऐलान भी किए गए थे।
देश के बड़े राज्यों में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। गौर करने वाली बात यह है कि असम और पुडुचेरी के अलावा अन्य किसी राज्य में भाजपा की सरकार नहीं है। इन राज्यों में वह खुद खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर रही है और सत्ता पर काबिज होने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में जानते हैं कि चुनावी राज्यों को इस बजट से क्या-क्या उम्मीदें हो सकती हैं…
पिछले बजट में आवास, नदी प्रबंधन, स्वास्थ्य, आर्थिक विकास और पर्यटन पर खास ज़ोर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पिछले दिसंबर में पश्चिम बंगाल गए थे, जहां उन्होंने कई हाईवे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया था। सरकार का कहना था कि ये हाईवे प्रोजेक्ट्स कोलकाता और सिलीगुड़ी के बीच एक मजबूत कनेक्टिविटी लिंक प्रदान करेंगे।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के लिए पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन लॉन्च की। यह ट्रेन गुवाहाटी-हावड़ा के बीच चल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, मोदी सरकार इस बजट में कोलकाता मेट्रो के विस्तार के लिए और ज्यादा फंड आवंटित कर सकती है। वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे जैसे एक्सप्रेसवे के बारे में भी एक बड़ी घोषणा की उम्मीद है।
असम के मामले में पिछले बजट में कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और खाद्य सुरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया गया था। मोदी सरकार ने हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर राज्यों को प्राथमिकता दी है। बजट के आंकड़े बताते हैं कि सरकार ने असम की रेल कनेक्टिविटी, आपदा प्रबंधन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दिया है।
हाल ही में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 1 हजार 715 करोड़ रुपये की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की आधारशिला रखी। डिब्रूगढ़ में भी कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की गई है। केंद्रीय मंत्रियों ने कहा है कि डिब्रूगढ़ को राज्य की दूसरी राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा।
चुनाव वाले राज्य तमिलनाडु में मोदी सरकार ने हाल के वर्षों में बजट के दौरान शिक्षा, आवास और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर काफी खर्च किया है। कई हाईवे और कॉरिडोर प्रोजेक्ट भी शुरू किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर मदुरै-कोल्लम कॉरिडोर सामने है। इस प्रोजेक्ट ने न केवल दोनों शहरों के बीच की दूरी कम की है, बल्कि उद्योग और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत किया है।
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चेन्नई-महाबलीपुरम-पुडुचेरी कॉरिडोर को लेकर भी चर्चाएं तेज़ हो रही हैं। तटीय क्षेत्र में स्थित यह प्रोजेक्ट कनेक्टिविटी में सुधार करेगा और पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों को भी बढ़ावा देगा। इसके साथ ही दक्षिणी राज्य केरल को इस साल के बजट से काफी उम्मीदें हैं।
राज्य अपने लिए एक विशेष योजना चाहता है और अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार से मदद मांग रहा है। बताया जा रहा है कि केरल के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र लिखकर 29 मांगें रखी हैं। केरल 21 हजार करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग कर रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि बजट में केरल और अन्य चुनावी राज्यों के लिए खास ऐलान होने वाले हैं।