जम्मू-कश्मीर चुनाव: पहली बार विधानसभा चुनाव में वाल्मीकि समुदाय ने डाला वोट
वाल्मीकि समुदाय के सदस्यों ने आज मंगलवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया और इसे ‘‘ऐतिहासिक क्षण'' बताया।
- Written By: राहुल गोस्वामी
पहली बार विधानसभा चुनाव में वाल्मीकि समुदाय ने डाला वोट
जम्मू: आखीरकार लंबे समय से मतदान करने के अधिकार से वंचित वाल्मीकि समुदाय के सदस्यों ने आज मंगलवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया और इसे ‘‘ऐतिहासिक क्षण” बताया। जानकारी दें कि वाल्मीकि समुदाय के लोगों को मूल रूप से 1957 में पंजाब के गुरदासपुर जिले से राज्य सरकार द्वारा सफाई कार्य के लिए जम्मू-कश्मीर लाया गया था।
वहीं जम्मू के एक मतदान केंद्र पर मतदान करने वाले घारू भाटी ने कहा, ‘‘मैं 45 साल की उम्र में पहली बार मतदात कर रहा हूं। हम लोग अपने जीवनकाल में पहली बार जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों में भाग लेने को लेकर रोमांचित और उत्साह से भरे हुए हैं। यह हमारे लिए एक बड़े त्योहार की तरह है।”
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वहीं अपने समुदाय के लिए नागरिकता का अधिकार सुनिश्चित करने को लेकर 15 वर्षों से अधिक समय तक इन प्रयासों का नेतृत्व करने वाले भाटी ने कहा, ‘‘यह पूरे वाल्मीकि समुदाय के लिए एक त्योहार है। हमारे पास 80 वर्ष की आयु के और 18 वर्ष की आयु के मतदाता हैं। हमसे पहले की दो पीढ़ियों को इस अधिकार से वंचित रखा गया था, लेकिन जब अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया तो न्याय की जीत हुई और हमें जम्मू-कश्मीर की नागरिकता प्रदान की गई।”
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘‘दशकों से सफाई कार्य के लिए यहां लाए गए हमारे समुदाय को वोट देने के अधिकार और जम्मू-कश्मीर की नागरिकता सहित बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया था। यह पूरे वाल्मीकि समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है।”
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जानकारी दें कि पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों और गोरखा समुदायों के साथ वाल्मीकि समुदाय के लोगों की संख्या करीब 1.5 लाख है। वे जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों के विभिन्न हिस्सों, खासकर सीमावर्ती इलाकों में रहते हैं। भाटी ने कहा, ‘‘आज हम मतदान कर रहे हैं। कल हम अपने लोगों का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह हमारे जीवन में एक नए युग की शुरुआत है। हम अपने मुद्दों को विधानसभा में ले जाएंगे। कल्पना कीजिए कि हमारे समुदाय का एक सदस्य जो कभी केवल मैला ढोना ही अपना भाग्य समझता था, अब विधायक या मंत्री बनने की आकांक्षा रख सकता है। हम इतने बड़े बदलाव को होते हुए देख रहे हैं।”
बता दें कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के तीसरे एवं अंतिम चरण के तहत आज मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के सात जिलों में 40 विधानसभा सीटों पर सुबह सात बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान शुरू हुआ। मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें दिखीं।केंद्र शासित प्रदेश के 39.18 लाख से अधिक मतदाता 415 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत का फैसला कर रहे हैं। वहीं शुरुआती दो घंटे में 11.60 % मतदान हुआ है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
