एग्जिट पोल में पीछे, सरकार बनाने में रहेंगे आगे; जम्मू-कश्मीर में कुछ ऐसे समीकरण साध रही है बीजेपी‍!

जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे भले ही कल आने हैं, लेकिन सरकार बनाने की कवायद एग्जिट पोल के बाद से ही शुरू हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर में एग्जिट पोल में किसी भी दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत न मिलने के आकलन के बाद यहां मामला दिलचस्प हो गया है।
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कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे भले ही कल आने हैं, लेकिन सरकार बनाने की कवायद एग्जिट पोल के बाद से ही शुरू हो चुकी है। जम्मू-कश्मीर में एग्जिट पोल में किसी भी दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत न मिलने के आकलन के बाद यहां मामला दिलचस्प हो गया है। राज्य में एग्जिट पोल्स के मुताबिक बीजेपी कांग्रेस-एनसी गठबंधन से पीछे है लेकिन सरकार बनाने की कवायद के मामले में वह आगे दिखाई दे रही है।

जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के रुझानों के बाद बीजेपी ने राज्य में सरकार बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के वरिष्ठ नेता अल्ताफ बुखारी और सज्जाद लोन पहले से ही जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवारों के संपर्क में हैं। एग्जिट पोल के रुझानों में बीजेपी जम्मू कश्मीर में भी सरकार बनाने में पिछड़ती नजर आ रही है। ऐसे में बीजेपी नतीजे आने से पहले ही राज्य में सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।

भाजपा कर रही सरकार बनाने का दावा

बीजेपी का मानना ​​है कि उसे जम्मू क्षेत्र में बड़ी बढ़त मिलेगी। पार्टी को उम्मीद है कि वह जम्मू क्षेत्र में 29 से 32 सीटें जीत सकती है। बीजेपी सूत्रों का दावा है कि सरकार बनाने के लिए उसे 14 से 17 विधायकों का समर्थन जुटाना पड़ सकता है। सूत्रों के मुताबिक कश्मीर घाटी में 7-8 निर्दलीय विधायक उनका समर्थन कर सकते हैं। पार्टी दावा कर रही है कि वह राज्य में सरकार बनाएगी।

इसके अलावा बीजेपी सूत्र यह भी बताते हैं कि कश्मीर घाटी की छोटी पार्टियां खासकर सज्जाद लोन और अल्ताफ बुखारी की पार्टी 7 से 9 सीटें जीत सकती है। भाजपा इन दोनों पार्टियों के संपर्क में है। इसके अलावा भाजपा को जम्मू कश्मीर एलजी द्वारा नामित 5 विधायकों का समर्थन भी मिलेगा।

नामित विधायक निभाएंगे अहम भूमिका

जानकारी के मुताबिक उपराज्यपाल द्वारा नामित पांचों विधायकों के पास वोटिंग का अधिकार होगा। यानी सरकार बनाने में उनकी अहम भूमिका होगी। जम्मू कश्मीर विधानसभा के नतीजे आने के तुरंत बाद राज्यपाल इन विधायकों को नामित करेंगे। नामित सदस्य किस पार्टी का फेवर करेंगे इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं।

आपको बता दें कि पांच सदस्यों के मनोनयन के बाद जम्मू कश्मीर विधानसभा की संख्या 95 हो जाएगी। बहुमत का आंकड़ा 48 होगा। इससे पहले जम्मू कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रवींद्र रैना ने साफ कर दिया है कि भाजपा समान विचारधारा वाली पार्टियों और निर्दलीयों की मदद से सरकार बनाएगी। जम्मू कश्मीर में 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतगणना मंगलवार को होगी।

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