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Assembly Elections 2026 Voting Percentage: विधानसभा चुनावों के लिए मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लग रही हैं। सुबह के शुरुआती चार घंटों में ही जिस तरह का रुझान देखने को मिला है, वह यह साफ कर रहा है कि शाम तक वोट प्रतिशत अच्छा रहने वाला है।
पूर्वोत्तर के राज्य असम में चुनावी पारा काफी चढ़ा हुआ है। भारतीय निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सुबह 11 बजे तक यहां करीब 38.92 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है। विशेष रूप से माजुली जिले के लोगों ने लोकतंत्र के प्रति जबरदस्त समर्पण दिखाया है, जहां सर्वाधिक 44.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।
वहीं, गोलपाड़ा और मोरीगांव जैसे जिलों में भी वोटिंग की रफ्तार काफी तेज है। डिब्रूगढ़ में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पबित्रा मार्गेरिटा जैसे दिग्गज नेताओं ने भी आम जनता के साथ अपनी बारी का इंतजार किया और वोट डाला। मार्गेरिटा ने इस अवसर पर कहा कि यह लोकतंत्र का सबसे बड़ा जश्न है और उन्होंने एक मजबूत देश के निर्माण के लिए सभी से बाहर निकलकर वोट करने की अपील की।
दक्षिण भारत के राज्य केरल में मतदान की रफ्तार काफी अच्छी बनी हुई है और सुबह 11 बजे तक यहां 33.28 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई है। एर्नाकुलम जिला मतदान के मामले में सबसे आगे चल रहा है, जबकि कासरगोड में अभी रफ्तार थोड़ी धीमी है। यहां की राजनीति में जुबानी जंग भी काफी तेज दिखाई दी।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी और एमएम हसन ने अपनी जीत का भरोसा जताया और वर्तमान सरकार के कथित कुशासन व भ्रष्टाचार को बड़ा मुद्दा बताया। दूसरी तरफ, भाजपा के राजीव चंद्रशेखर और एलडीएफ के उम्मीदवारों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान किया। केरल का हर एक वोटर आज यह जानता है कि उनका एक वोट राज्य की सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की आर्थिक दिशा तय करने वाला है।
पुडुचेरी चुनाव का नजारा थोड़ा अलग और काफी दिलचस्प रहा। यहां के सीएम एन. रंगासामी ने एक आम नागरिक की सादगी का परिचय देते हुए बाइक पर सवार होकर मतदान केंद्र पहुंचकर सबको हैरान कर दिया। सुबह 11 बजे तक इस प्रदेश में 37.06 प्रतिशत मतदान हुआ है। हालांकि, इस उत्साह के बीच कुछ शिकायतें भी सुनने को मिलीं।भाजपा उम्मीदवार वीपी रामलिंगम ने बताया कि कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए उचित सुविधाओं का अभाव था, जिससे लोगों को परेशानी हुई। पूर्व मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने भी कतार में खड़े होकर अपने अधिकार का प्रयोग किया और कहा कि भारत के हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह इस प्रक्रिया में हिस्सा ले।
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इन तीनों राज्यों में शाम 6 बजे तक मतदान की यह प्रक्रिया इसी तरह जारी रहेगी। यह चुनाव केवल बड़े नेताओं के भाग्य का फैसला नहीं है, बल्कि उस आम आदमी की आवाज है जो बिजली, सड़क, पानी और बेहतर जीवन जैसे बुनियादी मुद्दों पर अपनी मुहर लगा रहा है।