अब घर बैठे वोट डाल पाएंगे आप! चुनाव केंद्र तक जाने की जरूरत नहीं, जानिए किसे मिलेगा नए नियम का फायदा
Home Voting Facility 2026: निर्वाचन आयोग ने असम, केरल और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव के लिए 2.3 लाख से अधिक बुजुर्गों और दिव्यांगों को घर से ही मतदान करने की सुविधा दी है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया
Assembly Elections 2026: अक्सर शारीरिक अक्षमता या बढ़ती उम्र की वजह से कई लोग चुनाव के महापर्व का हिस्सा नहीं बन पाते थे। इसी बाधा को दूर करने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक ऐतिहासिक पहल की है। 9 अप्रैल, 2026 को होने वाले विधानसभा चुनावों में अब बुजुर्गों और दिव्यांगों को मतदान केंद्र की लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी।
आयोग ने असम, केरल और पुडुचेरी में ‘होम वोटिंग’ यानी घर से मतदान की सुविधा शुरू की है। यह उन लाखों परिवारों के लिए एक बड़ी राहत है, जिनके घर के बुजुर्ग अब अपनी देहरी लांघे बिना लोकतंत्र की मजबूती में अपना योगदान दे सकेंगे।
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए मतदान केंद्र अब उनके घर में
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत निर्वाचन आयोग ने यह वैकल्पिक सुविधा उन मतदाताओं को दी है जिनकी उम्र 85 वर्ष से अधिक है या जो दिव्यांग श्रेणी में आते हैं। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए मतदाताओं को अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर अपने संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर के पास आवेदन करना होता है। इसके बाद पोस्टल बैलेट के माध्यम से उनका वोट दर्ज किया जाता है।
सम्बंधित ख़बरें
केरल में 2 हफ्तों का सस्पेंस खत्म, कल सीएम पद की शपथ लेंगे वीडी सतीशन; राज्यपाल को सौंपी 20 नामों की लिस्ट
केरल में सतीशन कैबिनेट तैयार! चेन्निथला समेत इन नेताओं को अहम जिम्मेदारी, किसे मिलेगा किस विभाग की कमान?
ताजपोशी से पहले ही बढ़ी मुश्किलें! वीडी सतीशन के सामने रमेश चेन्निथला की ‘नाराजगी’ बनी सबसे बड़ी दीवार
वीडी सतीशन बने केरलम के नए मुख्यमंत्री, कांग्रेस ने किया ऐलान, केसी वेणुगोपाल को लगा झटका
केरल से असम तक चुनावी आंकड़ों में दिखेगा बड़ा असर
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2.37 लाख से अधिक मतदाताओं को घर से मतदान करने के लिए मंजूरी दी जा चुकी है। इसमें सबसे बड़ी संख्या केरल की है, जहां 1 लाख 45 हजार से अधिक बुजुर्ग और 62 हजार से ज्यादा दिव्यांग मतदाता घर बैठे अपना वोट डालेंगे। असम में लगभग 19,774 बुजुर्गों और 6,638 दिव्यांगों को यह सुविधा मिली है। पुडुचेरी में भी हजारों मतदाता इस नई व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं।
अब आपके दरवाजे पर पहुंचेगी पूरी पोलिंग टीम
कई लोगों के मन में यह सवाल हो सकता है कि घर पर मतदान के दौरान वोट की गोपनीयता कैसे सुरक्षित रहेगी? आयोग ने इसके लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। प्रत्येक मतदाता के घर मतदान अधिकारियों की एक पूरी टीम जाएगी, जिनके साथ सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मी और पूरी प्रक्रिया को रिकॉर्ड करने के लिए एक वीडियोग्राफर भी मौजूद रहेगा।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों को इन दौरों की जानकारी पहले से दी जाती है और वे चाहें तो अपना प्रतिनिधि भी साथ भेज सकते हैं। यह प्रक्रिया 5 अप्रैल तक पूरी कर ली जाएगी, और यदि कोई मतदाता पहली बार में घर पर नहीं मिलता, तो टीम दोबारा भी उनके घर का दौरा करेगी।
यह भी पढ़ें: बंगाल चुनाव में बीजेपी की ‘चौथी’ चाल, शांतनु ठाकुर की पत्नी समेत इन 13 चेहरों पर दांव
मतदान केंद्रों पर भी इंतजाम पुख्ता
इसके साथ ही जो बुजुर्ग या दिव्यांग मतदाता घर से वोट देने का विकल्प नहीं चुन पाए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्रों पर उनके लिए सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। वहां तैनात स्वयंसेवक न केवल उनका स्वागत करेंगे, बल्कि उन्हें व्हीलचेयर और अन्य सहायता भी प्रदान करेंगे ताकि उनका मतदान अनुभव आरामदायक रहे।
