

Assembly Elections 2026: दक्षिण भारत के शांत तटों पर बसे पुडुचेरी में इन दिनों चुनावी तपिश महसूस की जा रही है। विधानसभा चुनावों की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने कार्यकर्ताओं में नई जान फूंक दी है।
आगामी 30 मार्च को प्रधानमंत्री खुद डिजिटल माध्यम से पुडुचेरी के जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद करने जा रहे हैं। भाजपा नेताओं की मानें तो यह सिर्फ एक बातचीत नहीं है, बल्कि चुनाव से पहले जीत का वह मंत्र है जो हर बूथ तक पहुंचने की तैयारी में है।
प्रधानमंत्री का यह 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' कार्यक्रम नमो ऐप के जरिए आयोजित किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी की चुनावी रणनीति में 'बूथ' को सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। इस मेगा संवाद का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर पार्टी के संगठन को और अधिक धार देना और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है।
प्रधानमंत्री का मानना है कि अगर बूथ स्तर पर काम करने वाला कार्यकर्ता सशक्त है, तो चुनाव की आधी जंग वहीं जीत ली जाती है। यह कार्यक्रम 30 मार्च को शाम 5:30 बजे निर्धारित किया गया है, जिसकी जानकारी प्रधानमंत्री ने भी शेयर की है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में दिए गए अपने एक संदेश में विशेष रूप से 'डबल इंजन' सरकार के फायदों का जिक्र किया है। उनका कहना है कि पिछले पांच वर्षों में केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश की साझा शक्ति ने पुडुचेरी की जनता की कई पुरानी आकांक्षाओं को धरातल पर उतारा है। इस संवाद के दौरान पीएम मोदी केंद्र सरकार की बड़ी योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत और पीएम आवास योजना के जमीनी प्रभाव पर चर्चा कर सकते हैं।
पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होना है और उससे ठीक दस दिन पहले होने वाला यह संबोधन रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा इस बार दक्षिण के इस हिस्से में अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। इस संवाद की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें कुछ चुनिंदा कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री मोदी से सीधे सवाल पूछने और अपनी बात रखने का अवसर भी मिलेगा। यह सीधे जुड़ाव की भावना उन कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने का काम करती है जो चिलचिलाती धूप में घर-घर जाकर पार्टी का प्रचार कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भाजपा कार्यालयों में इस बड़े आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है और तैयारियां जोरों पर हैं।