दीदी को हटाने का समय आ गया है… बंगाल में गरजे अमित शाह; संदेशखाली-गोरखा से चाय बागानों तक के लिए किया ये वादा
Amit Shah Darjeeling Rally: पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के आखिरी दिन अमित शाह ने दार्जिलिंग में हुंकार भरी। उन्होंने ममता सरकार पर बजट में भेदभाव और महिलाओं पर अत्याचार का बड़ा आरोप लगाया।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
अमित शाह, फोटो- सोशल मीडिया
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल की शांत वादियों और दार्जिलिंग की पहाड़ियों में आज सियासी तपिश चरम पर थी। विधानसभा चुनाव के लिए चल रहे शोर-शराबे का आज आखिरी दिन है और भारतीय जनता पार्टी ने इसके लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद आखिरी दिन के मोर्चे पर उतरे और दार्जिलिंग की एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की वर्तमान सरकार पर तीखे हमले किए।
दार्जिलिंग में उमड़ी भीड़ को देखकर अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा कि अब बंगाल की जनता ने अपना मन बना लिया है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर बंगाल से लेकर गंगा सागर और कोलकाता तक के लोग अब परिवर्तन चाहते हैं।
टीएमसी को हटाने का समय आ गया है: शाह
अमित शाह ने अपने भाषण में बार-बार इस बात पर जोर दिया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल सरकार को हटाने का सही समय आ गया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन चुनावों से दार्जिलिंग के लोग लगातार भाजपा के पक्ष में मतदान कर रहे हैं, लेकिन इस बार पूरे राज्य का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। यह चुनाव केवल सत्ता बदलने का नहीं बल्कि बंगाल की अस्मिता और सुरक्षा को बहाल करने का जरिया बनने वाला है।
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बजट के आंकड़ों से ममता सरकार पर किया सीधा वार
गृह मंत्री ने ममता सरकार पर संसाधनों के आवंटन में भारी भेदभाव करने का एक बहुत ही गंभीर और तथ्यात्मक आरोप लगाया। उन्होंने जनता के सामने बजट के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि तृणमूल सरकार ने उत्तर बंगाल, गोरखा समुदाय और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए केवल 2000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
इसके उलट, मदरसों और अल्पसंख्यक क्षेत्रों के लिए इस बजट में 5800 करोड़ रुपये रखे गए। शाह ने इसे उत्तर बंगाल के साथ किया गया सरासर अन्याय करार दिया। उन्होंने वादा किया कि भाजपा की सरकार आते ही इस भेदभाव को खत्म किया जाएगा और हर समुदाय के साथ समान न्याय सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
संदेशखाली और महिला सुरक्षा पर गृह मंत्री की स्ट्रिक्ट वार्निंग
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अमित शाह का रुख बेहद कड़ा और आक्रामक दिखा। उन्होंने संदेशखाली की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन शर्मनाक वारदातों ने पूरे बंगाल का सिर दुनिया के सामने झुका दिया है। शाह ने माटीगढ़ा, बागडोगरा के चाय बागानों में आदिवासी महिला के साथ हुए उत्पीड़न और आरजी कर मेडिकल कॉलेज सहित कई अन्य बलात्कार की घटनाओं का जिक्र किया।
Sukna, West Bengal: Union Home Minister Amit Shah says, “From Darjeeling to Sundarbans, the Bharatiya Janata Party is going to build a new national highway. Gorkha brothers and sisters, should there be an AIIMS in North Bengal or not? Speak loudly should there be or not? Once the… pic.twitter.com/8vcGyFq4Yu — IANS (@ians_india) April 21, 2026
उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वाले हर एक अपराधी को चुन-चुन कर जेल की सलाखों के पीछे डाला जाएगा। सुरक्षा का माहौल बनाना उनकी पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
Sukna, West Bengal: Union Home Minister Amit Shah says, “…Sab gundon, dhyan se sun lo: 5th ke baad agar kisi bhi citizen ko pareshaan kiya gaya, toh ulta latka kar seedha kar denge…” pic.twitter.com/HWEJf6nh8e — IANS (@ians_india) April 21, 2026
गोरखा समुदाय के लिए क्या बोले शाह?
दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल के सबसे संवेदनशील गोरखा मुद्दे पर भी अमित शाह ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला। उन्होंने गोरखा समाज को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस, कम्युनिस्ट और ममता सरकार ने हमेशा इस समुदाय की उपेक्षा की है। शाह ने घोषणा की कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो छह महीने के भीतर गोरखा समुदाय की लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान ढूंढ लिया जाएगा।
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शाह ने चाय बागानों को बचाने और वहां काम करने वाले मजदूरों के हितों की रक्षा करने की भी कसम खाई। उनका यह आश्वासन क्षेत्र के मतदाताओं को लुभाने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
चुनाव प्रचार के आखिरी दिन भाजपा ने झोंक दी ताकत
दार्जिलिंग के कुर्सियोंग में सुबह की पहली रैली के बाद अमित शाह कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है। उन्होंने पश्चिम बर्धमान के कुल्टी, मेदिनीपुर के सालबोनी और अंत में चांदीपुर में भी जनसभाएं करने का कार्यक्रम बनाया है। इन रैलियों के जरिए भाजपा उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां पहले चरण में 23 अप्रैल को मतदान होना है।
