दिल्ली ब्लास्ट को आतंकी घटना घोषित करने का क्या है मतलब? अब आगे क्या होगा, जानें सबकुछ

Delhi Blast Live Update: दिल्ली में लाल किला के बाहर 10 नवंबर को कार धमाके में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। दर्जनों घायल हैं। वारदात के दो दिन बाद केंद्र सरकार ने इसे आतंकी घटना घोषित कर दिया है।
What does it mean to declare the Delhi blasts a terrorist incident?
दिल्ली ब्लास्ट के बाद के हालात। इमेज-सोशल मीडिया
Updated on

Delhi Terrorist Car Blast: केंद्र सरकार ने दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर एक के पास हुए कार ब्लास्ट की प्रारंभिक जांच के आधार पर बुधवार को इसे आतंकी घटना घोषित कर दिया। ऐसे में आम लोगों के मन में एक सवाल उठ रहा है कि इस ब्लास्ट को आतंकी घटना घोषित कर दिए जाने का क्या मतलब है? इस घोषणा के आधार क्या है और आगे क्या होगा।

ऐसे में हम बता दें, किसी घटना को आतंकी घटना घोषित करने का मतलब है, जो हुआ वह कोई सामान्य अपराध नहीं था। ऐसा अपराध था, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को गंभीर खतरा था। किसी घटना को आतंकी घटना घोषित किया जाता है तो इसकी जांच भी एनआईए (NIA) करती है। इसके पास ऐसे मामलों में कार्रवाई करने की शक्तियां ज्यादा हैं। आरोपियों के खिलाफ सख्त कानून का इस्तेमाल किया जाता है। दोषी को उम्रकैद या फांसी की सजा भी हो सकती है।

UAPA में विस्तार से जानकारी

किसी घटना को आतंकी घटना कब माना जाएगा और उसके बाद क्या होगा, उसका जिक्र अनलॉफुल ऐक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट 1967 यानी UAPA में विस्तार से है। यह आतंकवाद के खिलाफ सबसे सख्त कानून है। इसके तहत सिर्फ संगठन या संस्था को नहीं, बल्कि किसी व्यक्ति को भी आतंकी घोषित किया जा सकता है। UAPA की धारा 15 में लिखा है कि घटना को कब आतंकी माना जाएगा? धारा 15 कहती है कि ऐसा कोई काम जिसका उद्देश्य भारत की एकता-अखंडता, सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा या संप्रभुता को नुकसान पहुंचाना, डर पैदा करना या जनता या किसी वर्ग में आतंक पैदा करना हो तो उसे आतंकी वारदा माना जाएगा

इन परिस्थितियों में भी माना जाएगा आतंकी कृत्य

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 113 में भी आतंकवाद की परिभाषा है। इसके तहत जो कोई भारत की एकता-अखंडता और सुरक्षा को खतरे में डालने, जनता या उसके एक वर्ग को डराने या सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने के इरादे से भारत में कृत्य करता है तो उसे आतंकवादी कृत्य माना जाएगा। UAPA की धारा 15 यह भी कहती है कि बम विस्फोट के अलावा बायोलॉजिकल, रेडियोएक्टिव, न्यूक्लियर या किसी भी खतरनाक तरीके से हमला होता है, जिसमें किसी की मौत या चोट पहुंचती है तो वह भी आतंकी कृत्य होगा। जाली नोटों या सिक्कों की तस्करी या उन्हें चलाना भी आतंकी कृत्य है। भारत या विदेश में किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना भी आतंकी कृत्य है।

क्या होता है?

किसी भी आतंकी घटना की जांच को लेकर NIA पूरे देश में किसी जगह पर जाकर जांच और छापेमारी कर सकती है। गिरफ्तारियां कर सकती हैं। वहां की राज्य सरकार की मंजूरी की जरूरत नहीं होती। ऐसे मामलों में किसी व्यक्ति की बिना वारंट गिरफ्तार हो सकती है। ऐसे मामलों में आरोपी को जमानत मिलना मुश्किल होती है। जमानत तभी मिलती है, जब कोर्ट को लगे कि आरोपी ने गंभीर अपराध नहीं किया है। UAPA में अग्रिम जमानत का प्रावधान नहीं है। UAPA के तहत NIA आरोपियों को लंबे समय तक हिरासत में रख सकती है। इसके तहत जांच एजेंसियां 180 दिन तक बिना चार्जशीट दाखिल किए आरोपी को हिरासत में रख सकती हैं।

क्या सजा होगी?

UAPA की धारा 16 के तहत किसी आतंकी घटना में किसी व्यक्ति की मौत होती है तो दोषी पाए जाने पर फांसी या उम्रकैद की सजा हो सकती है। किसी की मौत नहीं होती है तो भी दोषी पाए जाने पर कम-से-कम 5 साल की सजा होगी, जिसे बढ़ाकर आजीवन कारावास तक किया जा सकता है। अब सरकार ने लाल किला के पास हुआ धमाके को आतंकी घटना घोषित है। इसके दो संदेश हैं। पहला-सरकार दिखा रही कि वह आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। दूसरा-आतंकी घटना करार देना दिखाता है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Navbharat Live
navbharatlive.com