इस सीट पर पहले ग्रामीण प्रभाव की वजह से जाट समाज का वर्चस्व था लेकिन बढ़ती कॉलोनियों की वजह से अब यहां मिली जुली आबादी है। यहां पूर्वांचल वोटर सहित यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और अन्य राज्यों से आए लोग अहम भूमिका निभाएंगे। आगामी चुनाव में इस सीट पर कई मुद्दे हार जीत में अहम भूमिका निभा सकते हैं।