अरविंद केजरीवाल को पत्र सौंपते रोहित पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rohit Pawar Arvind Kejriwal Meeting: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक और कद्दावर नेता रोहित पवार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य हाल ही में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे से जुड़े गंभीर सवालों को देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद में गूँजवाना था।
रोहित पवार पिछले काफी समय से आरोप लगा रहे हैं कि अजित पवार का विमान हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश हो सकती है। दिल्ली में केजरीवाल के आवास पर हुई इस बैठक के दौरान रोहित पवार ने घटना से जुड़े कई तकनीकी तथ्य और साक्ष्य साझा किए। उन्होंने दावा किया कि विमान में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी और जांच एजेंसियां मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही हैं।
मुलाकात के बाद रोहित पवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मैंने अरविंद केजरीवाल जी से अनुरोध किया है कि आम आदमी पार्टी के सांसद संसद के चालू सत्र में इस मुद्दे को उठाएं। यह केवल एक व्यक्ति की सुरक्षा का नहीं, बल्कि देश के सुरक्षा मानकों और राजनीतिक पारदर्शिता का विषय है।” उन्होंने केजरीवाल को इस मामले में अब तक हुई जांच की खामियों से अवगत कराया और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जवाबदेही तय करने की मांग की।
देशातील लढवय्ये नेते आणि दिल्लीचे माजी मुख्यमंत्री मा. अरविंद केजरीवाल साहेब यांची दिल्लीत भेट घेऊन अजितदादांच्या विमान अपघाताबाबत त्यांच्याशी चर्चा केली आणि गेल्या काही दिवसांपासून याबाबत जमा केलेल्या संपूर्ण माहितीचं प्रेझेंटेशन त्यांना दिलं. त्यांनीही याबाबतचे सगळे तपशील… pic.twitter.com/e8wNoCt9mv — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) March 7, 2026
रोहित पवार ने विमान संचालक कंपनी ‘VSR वेंचर्स’ पर भी कड़े प्रहार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के विमानों में मेंटेनेंस और सुरक्षा को लेकर पहले भी लापरवाही की खबरें आई थीं, लेकिन DGCA ने इसे नजरअंदाज किया। उन्होंने मामले की स्वतंत्र CBI जांच या हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में विशेष जांच समिति (SIT) गठित करने की मांग दोहराई।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र बजट 2026: आदिवासी और दलित उत्थान के लिए 44,000 करोड़ का बड़ा दांव, जानें आपके लिए क्या है खास?
इस मुलाकात के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। शरद पवार गुट द्वारा दिल्ली में विपक्षी दलों को लामबंद करना यह संकेत देता है कि वे इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाना चाहते हैं। अरविंद केजरीवाल ने रोहित पवार को आश्वासन दिया है कि उनकी पार्टी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित मंच पर आवाज उठाएगी।