पीयूष गोयल (सौजन्य-IANS)
Piyush Goyal Tamil Nadu Election 2026: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री और भाजपा के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी पीयूष गोयल ने मंगलवार को यह संकेत दिये कि भाजपा दक्षिणी राज्य तमिलनाडु में भी अपने चिन्हित और प्रमाणित हिंदुत्व ध्रुवीकरण के सहारे चुनावी समर जीतने का प्रयास करेगी। उन्होंने राज्य की डीएमके नीत एमके स्टालिन सरकार को सनातन और हिंदू विरोधी करार देते हुए कहा कि वहां की जनता चुनाव में अपना फैसला सुनाएगी।
पीयूष गोयल ने तिरूप्परनकुंडूम मंदिर में दीपपथून पर अदालत की ओर से दीप प्रज्जवलित करने की अनुमति देने को आस्था और धार्मिक भावनाओं की जीत करार दिया। उन्होंने इसके साथ ही एमके स्टालिन को हिंदू और सनातन धर्म का विरोधी करार देते हुए कहा कि यहां पर एक मजार की वजह से तमिलनाडु सरकार ने इस मंदिर में सदियो से चली आने वाली दीपपथून पर दीप प्रज्जवलन की परंपरा को बंद कर दिया।
जिस पर अदालत ने कहा कि यह सदियों पुरानी परंपरा है। इसे बनाए रखने में कोई समस्या नहीं है। यह आस्था और परंपरा की जीत है। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर हमला करते हुए कहा कि जब अदालत ने इस पर फैसला दिया तो उसे स्वीकार करने की जगह राज्य सरकार उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने पर अड़ गई।
लेकिन उसे इससे भी कोई लाभ नहीं हुआ। पीयूष गोयल ने कहा कि वह अदालत के फैसले से काफी संतोष महसूस कर रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु सरकार पर सनातन धर्म का अपमान करने, उपहास उड़ाने और उस पर हमला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई पहला मामला नहीं है।
गोयल ने कहा कि महाराष्ट्र में भी हिंदू और सनातन विरोधी दल सक्रिय है। जिनको जनता ने राज्य विधानसभा चुनाव और उसके बाद निकाय चुनाव में करारा जवाब दिया है। इन दलों को बीएमसी चुनाव और अन्य महानगर पालिका चुनाव में भी जनता अपना जवाब इसी तरह से देगी। गोयल ने कहा कि उद्धव ठाकरे, सुप्रिया सुले और कांग्रेस महाराष्ट्र में सनातन और हिंदू विरोधी त्रिमूर्ति है।
इसमें नया नाम राज ठाकरे का है। जो इसमें शामिल हो गए है। गोयल ने कहा कि उद्धव ठाकरे अपने पिता और हिंदू हृदय सम्राट बाला साहेब ठाकरे के विचारों और सिद्धांत से पूरी तरह से दूर हो गए है। वह कुर्सी के लालच में हिंदू और सनातन विरोधी हो गए हैं। जिसका जवाब जनता ने उनको विधानसभा चुनाव में दिया, राज्य के स्थानीय निकाय चुनाव में भी जनता ने उनको यह बताया कि हिंदू विरोधी दलों का क्या हाल होता है।
गोयल ने कहा कि सुप्रिया सुले, उद्धव ठाकरे की पार्टी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद में न्यायमूर्ति जीआर स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग लाने का समर्थन किया। इसकी वजह यह है कि उन्होंने मंदिर में दीप प्रज्जवलन की इजाजत दी।
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जब राज्य की डीएमके सरकार और सीएम स्टालिन के परिवार की ओर से सनातन और हिंदू धर्म का अपमान किया गया हो। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के डिप्टी सीएम और सीएम स्टालिन के पुत्र उदयनिधि स्टालिन ने सितंबर 2023 में सनातन धर्म को जड़ से खत्म करने की बात की थी। इसके कुछ समय बाद ही भगवान कार्तिकेय और भगवान मुरुगन से जुड़े तिरुप्परनकुड्रम पर्वत पर दीप प्रज्ज्वलन पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
जिस पर अदालत ने आदेश दिया कि यहां पर दीप प्रज्जवलित किया जा सकता है। यह सदियों पुरानी परंपरा है। गोयल ने कहा कि यह अत्यंत संतोष की बात है कि तमिलनाडु उच्च न्यायालय ने तिरुप्परनकुंड्रम पहाड़ियों पर स्थित इस प्राचीन मंदिर के भक्तों को न्याय दिलाया है।
यहां पर भगवान मुरुगन विराजमान है। उन्होंने कहा कि यहां पर सदियों से भगवान कार्तिकेय के सम्मान में दीपक प्रज्वलित किए जाते रहे हैं और सदियों से हिंदू धर्म में भगवान की पूजा की जाती रही है। यहां पर सदियों से दीपक प्रज्वलित करने की यह परंपरा चली आ रही है। इस वर्ष 4 दिसंबर, 2025 को दीपक प्रज्वलित किए जाने की उम्मीद थी। जो राज्य सरकार की वजह से प्रभावित हुआ था।