
कैप्टन सुमित कपूर का दिल्ली के राजौरी गार्डन में अंतिम संस्कार किया गया (सोर्स: सोशल मीडिया)
Captain Sumit Kapoor Last Rites: दिल्ली का राजौरी गार्डन इलाका आज गहरे शोक में डूबा रहा। बारामती विमान दुर्घटना, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित कई अन्य लोगों की जान चली गई, उसी हादसे में शहीद हुए अनुभवी पायलट कैप्टन सुमित कपूर को आज नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई।
बृहस्पतिवार की सुबह राजौरी गार्डन की उन गलियों के लिए बेहद भारी थी, जहां कैप्टन सुमित कपूर का निवास था। कल तक जो गलियां उनकी मिलनसारिता और हंसी-मजाक से गुलजार रहती थीं, आज वहां गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था। स्थानीय निवासी और उनके पड़ोसी इस बात पर विश्वास ही नहीं कर पा रहे हैं कि सबका साथ देने वाला वह हंसमुख इंसान अब उनके बीच नहीं रहा।
कैप्टन सुमित कपूर के पार्थिव शरीर को उनके घर ले जाने के बजाय सीधे पंजाबी बाग श्मशान घाट ले जाया गया। वहां उनके परिवार के सदस्यों, करीबी दोस्तों और सहयोगियों का भारी जमावड़ा लगा हुआ था। सभी की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह से गमगीन था। उनके करीबियों ने उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया जो अपने पेशे के प्रति जितना समर्पित था, उतना ही सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहता था।
Delhi: The funeral rituals of late Shambhavi Pathak, co-pilot of the flight carrying Deputy CM Ajit Pawar, were held at Lodhi Road Crematorium. Family members, Air Force officials, and local residents attended the last rites. pic.twitter.com/SxwNarvWjs — IANS (@ians_india) January 29, 2026
कैप्टन कपूर के मित्र अरविंद कुमार ने भावुक होते हुए बताया कि सुमित केवल एक बेहतरीन पायलट ही नहीं, बल्कि एक बहुत अच्छे इंसान भी थे। सुमित हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहते थे। वह अपने मोहल्ले और समुदाय के कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे।
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करीब 15,000 घंटों का विशाल उड़ान अनुभव रखने वाले कैप्टन कपूर इस अभागे विमान के ‘पायलट-इन-कमांड’ थे। 50 वर्षीय कपूर अपने पीछे पत्नी, एक बेटा (जो खुद भी पायलट है), बहू और एक पोता छोड़ गए हैं। बताया जा रहा है कि वह इसी इलाके में अपना नया घर बनवा रहे थे और फिलहाल किराए के मकान में रह रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
बुधवार को हुए इस भीषण हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस दुर्घटना में न केवल कैप्टन कपूर और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु हुई, बल्कि सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, सुरक्षा अधिकारी विदिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली ने भी अपनी जान गंवाई। बारामती के इस हादसे ने विमानन जगत और दिल्ली के इस शांत मोहल्ले को कभी न भरने वाला जख्म दिया है।






