
अपने ही जाल में फंसे केजरीवाल, कांग्रेस-भाजपा ने एक साथ बोला AAP पर हमला, मनोज तिवारी शॉक्ड
नई दिल्लीः दिल्ली में राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है। AAP सरकार महिला सम्मान योजना पर नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग द्वारा 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा घोषित ‘मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना’ के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि ऐसी कोई योजना आधिकारिक तौर पर अधिसूचित नहीं की गई है।
वहीं संजवनी योजना को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग ने भी जानकारी नहीं होने की बात कही है। जबकि केजरीवाल स्वयं लभार्थियों का इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। अब मामले को लेकर विपक्षी दल आम आदमी पार्टी और केजरीवाल पर हमलावर है। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के सुर एक हो गए हैं।
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने आप की प्रस्तावित कल्याणकारी योजनाओं को ‘धोखाधड़ी’ बताया, क्योंकि दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) विभाग ने कहा था कि केजरीवाल द्वारा 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए घोषित ऐसी कोई योजना आधिकारिक तौर पर अधिसूचित नहीं की गई हैं।
न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने आप पर अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इसका इस्तेमाल करने के लिए दिल्ली के नागरिकों का डेटा एकत्र करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हमने पहले भी सवाल ठाया था। जब आप वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजेंगे तो पैसा जारी किया जाएगा। यह धोखाधड़ी है। योजनाओं के लिए लोगों को पंजीकृत करने के लिए बुलाना डेटा एकत्र करने का एक तरीका प्रतीत होता है ताकि चुनाव से पहले उनसे संपर्क किया जा सके।
मनोज तिवारी ने बोले में स्तब्ध हूं
वहीं भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने मामले को लेकर कहा कि आज दिल्ली की जनता इस खबर से स्तब्ध है कि दिल्ली सरकार का विभाग विज्ञापन जारी कर रहा है कि यह धोखाधड़ी है और दिल्ली की जनता को इससे सावधान रहना चाहिए। ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है और ऐसी कोई योजना नहीं है। अरविंद केजरीवाल इतना नीचे गिर गए हैं कि वह दिल्ली की जनता को धोखा दे रहे हैं। अब यह बात सामने आ रही है कि जो हस्ताक्षर कर रहे हैं उनके खातों से पैसे निकाले जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आतिशी चुप क्यों हैं, वह मुख्यमंत्री हैं। अरविंद केजरीवाल के ट्वीट पर उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल नियमों का पालन नहीं करते हैं, लेकिन उन्हें पता है कि अगर विभाग के नाम पर यह धोखाधड़ी की गई है तो निश्चित रूप से मुख्यमंत्री दोषी हैं। उन्हें पता है कि अगला सवाल मुख्यमंत्री पर ही होगा…मुझे आश्चर्य है कि 10 साल तक शासन करने के बाद आप दिल्ली की जनता को धोखा दे रहे हैं।






