दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी जहां पढ़ाते थे, उस अल फलाह यूनिवर्सिटी पर होगी बड़ी कार्रवाई, जांच में क्या आया?

Al Falah University: ईडी अल फलाह यूनिवर्सिटी कैंपस को कुर्क कर सकता है। चिह्नित अपराध से अर्जित आय के एक हिस्से का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी की विभिन्न इमारतों के निर्माण में किए जाने का संदेह है।
Major action will be taken against Al Falah University, where the terrorists of Delhi blast used to teach. What did the investigation reveal?
अल फलाह यूनिवर्सिटी।
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Delhi Red Fort Blast Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी के परिसर को कुर्क कर सकता है। आधिकारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। अल फलाह यूनिवर्सिटी राष्ट्रीय राजधानी में पिछले साल लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट के बाद केंद्रीय एजेंसियों की जांच के घेरे में है। सूत्रों के अनुसार ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए राशि अपराध से अर्जित आय से हासिल की गई थी।

ईडी ने अल फलाह ट्रस्ट की ओर से संचालित शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में अल फलाह समूह के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को पिछले साल नवंबर में धनशोधन के आरोपों में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने दावा किया था कि इन शिक्षण संस्थानों के पास शिक्षण के लिए आवश्यक वैध मान्यता नहीं थी।

किस तैयारी में ED?

सूत्रों के मुताबिक चिह्नित अपराध से अर्जित आय के एक हिस्से का इस्तेमाल फरीदाबाद के धौज स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी की इमारतों के निर्माण में किए जाने का संदेह है। ईडी अल फलाह ट्रस्ट की चल और अचल संपत्तियों की पहचान एवं मूल्यांकन की प्रक्रिया में जुटी है, जिसके पास अल फलाह यूनिवर्सिटी समेत ट्रस्ट के सभी शैक्षणिक संस्थानों का मालिकाना हक है। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद अपराध की आय से अर्जित या निर्मित संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने के लिए धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत आदेश जारी किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, अल फलाह यूनिवर्सिटी के छात्रों के अकादमिक हितों को ध्यान में रखकर परिसर की कुर्की के बाद भी उन्हें निर्बाध रूप से पढ़ने की मंजूरी दी जा सकती है।

संपत्ति बेचने या नष्ट करने से रोकना उद्देश्य

सूत्रों ने बताया कि अपराध की आय से हासिल किसी संपत्ति को इसलिए कुर्क किया जाता है, ताकि उसे बेचने या नष्ट करने से रोका जा सके। सूत्रों ने बताया कि अस्थायी कुर्की की कार्यवाही पूरी होने के बाद सरकार की ओर से नियुक्त रिसीवर को अल फलाह यूनिवर्सिटी परिसर का प्रशासन सौंपा जा सकता है, जिससे आपराधिक कार्रवाई और अभियोजन जारी रहने के बावजूद छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।

ED ने मांगी थी रिमांड

नवंबर 2025 में ईडी ने अदालत से सिद्दीकी की रिमांड का अनुरोध कर कहा था कि यूनिवर्सिटी और उसके संचालक ट्रस्ट ने सिद्दीकी के निर्देश पर मान्यता प्राप्त होने का झूठे दावा किया, ताकि अधिक छात्र दाखिला लें। इस तरह उसने छात्रों और उनके अभिभावकों से बेईमानी से 415.10 करोड़ रुपये की अपराध की आय अर्जित की। सूत्रों के मुताबिक ईडी पांच ऐसे मामलों की भी जांच कर रहा, जिनमें दिल्ली में कुछ भूखंड लेने के लिए सिद्दीकी से जुड़े ट्रस्ट के इशारे पर जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) से जुड़े दस्तावेजों में हेराफेरी की गई थी।

क्या है पूरा मामला?

अल फलाह विश्वविद्यालय उस सफेदपोश आतंकवादी मॉड्यूल के खिलाफ जांच के दौरान सुर्खियों में आया, जिसके सिलसिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन चिकित्सकों समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया। अल फलाह मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर उमर उन नबी ने 10 नवंबर 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास विस्फोटकों से भरी कार में विस्फोट कर दिया था। इससे 15 लोगों की मौत हो गई थी। ईडी ने दिल्ली पुलिस की दो प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए 14 नवंबर को सिद्दीकी और अल फलाह ग्रुप के खिलाफ PMLA के तहत केस दर्ज किया था।

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