

Jantar Mantar Aadhar Card controversy: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा परीक्षा अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है। इस बीच प्रदर्शन में आधार कार्ड को लेकर नया विवाद सामने आया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने एक्स हैंडल पर मामले पर दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस आधार कार्ड का बहाना बनाकर लोगों को जंतर-मंतर से लौटा रही है। दीपके ने पुलिस से सवाल किया कि विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए आधार कार्ड कब से जरूरी हो गया?
प्रदर्शन के दौरान आधार कार्ड विवाद पर सीजेपी संस्थापक अभीजीत ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया। उन्होंने पुलिस पर निशाना साधते हुए लिखा कि जो लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं, उनसे दिल्ली पुलिस आधार कार्ड क्यों मांग रही है? विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आधार कार्ड कब से जरूरी हो गया? क्या वे बीजेपी की राजनीतिक रैलियों में भी आधार कार्ड मांगते हैं? पुलिस आधार कार्ड का बहाना बनाकर लोगों को जंतर-मंतर से लौटा रही है।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा आरोप लगाने के बाद नई दिल्ली जिले के डीसीपी ने एक्स हैंडल पर इन आरोपों को नकार दिया और कहा कि तथ्यात्मक रूप से यह जानकारी गलत है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति का आधार कार्ड नहीं चेक किया और न ही किसी की जानकारी जुटाई जा रही है।
जंतर-मंतर पर इस समय सीजेपी प्रदर्शन कर रही है। इस दौरान सीजेपी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल तक आने में कुछ लोगों को दिक्कत हुई। इसके बाद पुलिस द्वारा आधार कार्ड जांच का मुद्दा उठाकर लोगों को वापस लौटाया गया। हालांकि, दिल्ली पुलिस द्वारा अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।