'मैंने पहले ही CM फडणवीस को बताया था…' अभिजीत दीपके पर हमले के बाद रोहिणी खडसे का बड़ा दावा

Abhijeet Dipke Jaipur Attack: जयपुर में अभिजीत दीपके पर हुए हमले पर रोहिणी खडसे का बड़ा दावा- मैंने पहले ही सीएम देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर अभिजीत के लिए सुरक्षा की मांग की थी।
abhijeet dipke attack jaipur rohini khadse statement cm devendra fadnavis
अभिजीत दीपके (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Abhijeet Dipke Attack Jaipur Rohini Khadse Statement: राजस्थान की राजधानी जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पर हुए हमले के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है। इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट की नेता रोहिणी खडसे ने एक बड़ा दावा किया है।

अभिजीत को सुरक्षा देने की अपील की थी

रोहिणी खडसे ने जयपुर में हुई मारपीट की घटना को अत्यंत निंदनीय बताया है। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने पहले ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लिखित या मौखिक रूप से यह अनुरोध किया था कि अभिजीत पर कभी भी जानलेवा हमला हो सकता है। खडसे ने कहा, मैंने मुख्यमंत्री फडणवीस से विनंती की थी कि महाराष्ट्र के एक जागरूक युवा होने के नाते अभिजीत दीपके को सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद और संघर्ष हो सकते हैं, लेकिन उसका जवाब हिंसा कभी नहीं हो सकती।

जयपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुआ हमला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना जयपुर के शहीद स्मारक पर हुई, जहाँ अभिजीत दीपके शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। सभा स्थल में प्रवेश करते समय ही कुछ युवकों ने उन पर हमला बोल दिया और उन्हें एक के बाद एक कई थप्पड़ रसीद किए। मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भाग रहे 3-4 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है।

क्या है कॉकरोच जनता पार्टी?

अभिजीत दीपके द्वारा शुरू की गई 'कॉकरोच जनता पार्टी' कोई वास्तविक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि देश में बढ़ती बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी समस्याओं के खिलाफ चलाया जा रहा एक व्यंग्यात्मक आंदोलन है। इसकी शुरुआत सोशल मीडिया से हुई थी और वर्तमान में यह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है।

रोहिणी खडसे का यह बयान कि उन्होंने पहले ही सरकार को आगाह किया था, अब राज्य की कानून व्यवस्था और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर रहा है।