गाजियाबाद में अवैध रूप से पाली जा रही अफ्रीकी कैटफिश! NGT ने दिया कार्रवाई का आदेश
क्लेरियस गैरीपिनस को आम भाषा में अफ्रीकी कैटफिश के नाम से जाना जाता है। भारत में इसके पालन और प्रजनन पर पूरी तरह प्रतिबंध है क्योंकि यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है।
- Written By: रीना पंवार
(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : NGT ने उत्तर प्रदेश में अफ्रीकी कैटफिश के कथित अवैध प्रजनन और पालन के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है। उल्लेखनीय है कि क्लेरियस गैरीपिनस को आम बोलचाल की भाषा में अफ्रीकी कैटफिश या थाई मांगुर के नाम से जाना जाता है। भारत में इसके पालन और प्रजनन पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
NGT में इसे लेकर इस याचिका दायर की गई थी जिस पर सुनवाई करते हुए ट्रिब्यूनल ने ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इस याचिका में दावा किया गया था कि गाजियाबाद जिले के शाहपुर निज मोर्टा गांव में दो लोग इस मछली की प्रतिबंधित किस्म का प्रजनन कर रहे थे।
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इको सिस्टम को पहुंचाती हैं नुकसान
इस केस में NGT के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की बेंच ने हाल ही में अपने एक आदेश में ट्रिब्यूनल के 2019 के एक आदेश का उल्लेख किया था। इसके अनुसार, ‘‘विदेशी मछलियों पर नेशनल कमिटी और संबंधित राज्य सरकार की मंजूरी के बिना विदेशी मागुर (कैटफिश) के प्रजनन की अनुमति नहीं है, क्योंकि इससे हमारे देश में पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंचने की संभावना है।” इस बेंच में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल भी शामिल हैं।
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आरोप सही पाए जाने पर होगी आगे की कार्रवाई
बेंच ने कहा कि विदेशी कैटफिश या इसकी संकर थाई मागुर के प्रजनन से संबंधित मामले का ट्रिन्यूनल ने प्रतिबंध लगाकर निस्तारण कर दिया है। पीठ ने कहा, ‘‘हम मूल अर्जी का निस्तारण करते हैं और मत्स्य विभाग के निदेशक को शिकायत पर उचित विचार करने तथा ट्रिब्यूनल के पिछले आदेश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश देते हैं। निदेशक निरीक्षण करेंगे और यदि अर्जी देने वाले का आरोप सही पाया जाता है, तो उसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
(एजेंसी इनपुट के साथ)
