

NDMC Chairman Apology For Delhi Waterlogging: मानसून की भारी बारिश के बाद अक्सर सरकारी महकमों से बहानों की बौछार शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार देश की राजधानी दिल्ली से एक बेहद अनोखी और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। अमूमन अधिकारी अपनी कमियों को छिपाने के लिए मौसम या पुरानी व्यवस्थाओं का रोना रोते हैं, लेकिन नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने कुछ ऐसा किया, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। उन्होंने दिल्ली में हुए जलभराव की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए जनता से खुले दिल से माफी मांगी है। उनके इस अप्रत्याशित कदम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है और लोग इसे एक 'जवाबदेह अफसर' की असली मिसाल बता रहे हैं।
25 अगस्त 2026 को दिल्ली में हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई वीआईपी इलाकों सहित विभिन्न हिस्सों में भारी जलभराव हो गया था। इसके बाद एनडीएमसी चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद ईमानदार पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा, "मैं नई दिल्ली नगरपालिका परिषद इलाके के उन सभी लोगों से दिल से माफी मांगता हूं जिन्हें 25 अगस्त 2026 को जल-जमाव की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ा।"
उन्होंने आगे यह भी स्पष्ट किया कि आमतौर पर उनके क्षेत्र में 15 से 20 मिनट के भीतर पानी साफ कर दिया जाता है। लेकिन उनकी टीम के तमाम प्रयासों के बावजूद, कम से कम 3-4 इलाके ऐसे रहे जहां पानी पूरी तरह से निकलने में एक घंटे से भी ज्यादा का समय लग गया।
चेयरमैन मनोज द्विवेदी ने बारिश के चौंकाने वाले आंकड़े साझा करते हुए बताया कि दिल्ली में 2 घंटे से भी कम समय में 72 मिमी से ज्यादा बारिश हुई, जो बिल्कुल अप्रत्याशित थी। लेकिन उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा को एक बहाने के रूप में इस्तेमाल करने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने दृढ़ता से कहा, "यह कोई बहाना नहीं हो सकता और भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए हमें अपने सिस्टम को और मजबूत करना होगा।"
उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि पूरे एनडीएमसी क्षेत्र को जलभराव की समस्या से पूरी तरह मुक्त बनाने के लिए कई अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय किए जाएंगे। साथ ही, उन्होंने व्यवस्था में सुधार के लिए आम नागरिकों से सीधे सुझावों का स्वागत भी किया है।
मंगलवार को हुई इस मूसलाधार बारिश ने दिल्ली के लुटियंस जोन सहित कई व्यस्त इलाकों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया था। दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई, जिसमें सबसे अधिक आयानगर में 101.9 मिमी और रिज क्षेत्र में 100.4 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा सफदरजंग में 99.1 मिमी और लोधी रोड में 98.3 मिमी पानी बरसा।
इस भारी बारिश के कारण अशोका रोड, रायसीना रोड, राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के आसपास के इलाके, संसद मार्ग, बाबा खड़क सिंह मार्ग, कनॉट प्लेस, एम्स (AIIMS) और सुप्रीम कोर्ट जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर पानी भर गया था। इसके अलावा आईटीओ, मोती बाग, कमला नगर और करोल बाग जैसे व्यस्त बाजारों और इलाकों में भी लोगों को जलभराव से भारी जूझना पड़ा।
मनोज द्विवेदी द्वारा जिम्मेदारी स्वीकारने और माफी मांगने के इस अंदाज की सोशल मीडिया पर चौतरफा तारीफ हो रही है। लोग कह रहे हैं कि उन्होंने पहली बार ऐसा अफसर देखा है जो अपनी कमियों की जिम्मेदारी ले रहा है और बहाना बनाने के बजाय सीधे माफी मांग रहा है।
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोगों ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) को भी जमकर आड़े हाथों लिया। एक यूजर ने नसीहत देते हुए लिखा कि गुरुग्राम प्रशासन को मनोज द्विवेदी से सीखना चाहिए कि आखिर जवाबदेही क्या चीज होती है। दरअसल, मंगलवार को हुई बारिश से गुरुग्राम का भी बुरा हाल हो गया था; वहां कई इलाकों में पानी भर गया, घरों में पानी घुस गया, स्कूली बच्चों को भारी तकलीफ हुई और लोग लंबे ट्रैफिक जाम से जूझते रहे, जबकि वहां का स्थानीय प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ता नजर आया। ऐसे में दिल्ली के इस एनडीएमसी अफसर की सादगी और कर्तव्यनिष्ठा ने पूरे देश के प्रशासनिक सिस्टम के सामने एक नया और सराहनीय उदाहरण पेश कर दिया है।