

Neem Karoli Baba Ashram Property: प्रसिद्ध संत बाबा नीम करौली से जुड़े आश्रम और संपत्ति को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। आश्रम की संपत्ति पर अधिकार और उससे जुड़े पारिवारिक दावों को लेकर बाबा नीम करौली की नातिनें समाधान की मांग लेकर फिरोजाबाद जिलाधिकारी के पास पहुंचीं। नातिनियों ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
बताया गया कि बाबा नीम करौली की पैतृक और आश्रम से जुड़ी संपत्तियों को लेकर लंबे समय से अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। इसी क्रम में बाबा की नातिनों ने जिलाधिकारी को अपनी शिकायत और उससे संबंधित दस्तावेज सौंपते हुए संपत्ति से जुड़े मामले का विधिक तरीके से समाधान कराने की मांग रखी। उनका कहना है कि संपत्ति के अधिकार और उसके इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न रहे।
नातिनियों के अनुसार बाबा नीम करौली का आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन देश-विदेश में लाखों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है। बाबा के अनुयायी भारत के साथ-साथ विदेशों में भी बड़ी संख्या में हैं। ऐसे में उनसे जुड़ी संपत्तियों और आश्रमों की व्यवस्था को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिवार से संबंधित संपत्ति के अधिकारों का निर्धारण उपलब्ध राजस्व अभिलेखों, पुराने दस्तावेजों और अन्य कानूनी प्रमाणों के आधार पर किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि संपत्ति को लेकर उनकी ओर से पूर्व में भी अपना पक्ष रखा गया, लेकिन अभी तक विवाद का अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है।
बाबा नीम करौली की नातिनों ने जिलाधिकारी से मांग की कि मामले की राजस्व एवं प्रशासनिक स्तर पर जांच कराई जाए। संबंधित संपत्तियों के अभिलेखों की जांच के साथ यह भी स्पष्ट किया जाए कि वर्तमान में संपत्ति का स्वामित्व और प्रबंधन किसके अधिकार क्षेत्र में है। उन्होंने प्रशासन से किसी भी प्रकार के दबाव या विवाद की स्थिति से बचने के लिए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार जांच किए जाने का भरोसा दिया है। हालांकि संपत्ति विवाद के वास्तविक तथ्यों और अधिकारों का अंतिम निर्धारण संबंधित अभिलेखों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाएगा।
बाबा नीम करौली को देश के प्रमुख संतों में गिना जाता है। उनके आश्रमों में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। बाबा की शिक्षाओं और सेवा कार्यों से प्रभावित होकर बड़ी संख्या में लोग उनसे जुड़े रहे हैं। यही वजह है कि उनसे जुड़ी किसी भी संपत्ति, आश्रम या प्रबंधन संबंधी विवाद की खबर श्रद्धालुओं के बीच भी चर्चा का विषय बन जाती है।
फिलहाल बाबा नीम करौली की नातिनों द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष पहुंचकर उठाया गया संपत्ति विवाद किस दिशा में जाता है, यह प्रशासनिक जांच और उपलब्ध दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के बाद ही संपत्ति पर दावे तथा संबंधित पक्षों के अधिकारों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।