दिल्ली में फिर निर्भया जैसी दरिंदगी: चलती बस में महिला से गैंगरेप, भड़के केजरीवाल बोले- ‘हमने कुछ नहीं सीखा’
Delhi Rani Bagh Bus Incident: दिल्ली के रानी बाग में एक चलती प्राइवेट बस में महिला के साथ गैंगरेप की रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। अरविंद केजरीवाल ने इसे समाज के लिए कलंक बताया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
अरविंद केजरीवाल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Delhi Bus Gangrape Case: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर शर्मसार हुई है। दिल्ली के रानी बाग इलाके में एक चलती प्राइवेट बस के भीतर महिला के साथ गैंगरेप की एक ऐसी खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया है, जिसने 14 साल पुराने ‘निर्भया कांड’ की जख्मों को ताजा कर दिया है। इस जघन्य अपराध ने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े किए हैं।
कैसे हुई ये घटना?
यह खौफनाक घटना मंगलवार, 12 मई 2026 की रात को हुई। पीड़ित महिला अपनी ड्यूटी पूरी कर घर जाने के लिए निकली थी। रास्ते में उसने सड़क किनारे खड़े एक लड़के से महज समय पूछा तो लड़के ने महिला को जबरन पास खड़ी एक स्लीपर बस के अंदर खींच लिया। इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर ने महिला के साथ करीब दो घंटे तक दरिंदगी की। हैवानियत की हदें पार करने के बाद आरोपियों ने पीड़ित महिला को घायल अवस्था में ही चलती बस से नीचे सड़क पर फेंक दिया।
‘हमने निर्भया से कुछ नहीं सीखा’ – अरविंद केजरीवाल
इस घटना पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गहरा दुख और गुस्सा व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हमने निर्भया से कुछ नहीं सीखा। यह हादसा पूरे समाज के लिए कलंक है। केजरीवाल ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए सवाल किया कि आखिर राजधानी में महिलाएं कब सुरक्षित होंगी?
सम्बंधित ख़बरें
30 साल पुराने विवाद का अंत! हरियाणा-राजस्थान के बीच यमुना जल पर हुआ ऐतिहासिक समझौता
अमृतसर में बनेगा माता जानकी और लव-कुश का भव्य मंदिर! अरविंद केजरीवाल ने किया बड़ा ऐलान
कवच-14.0 अभियान का असर, राजधानी में 16 तस्कर गिरफ्तार, करोड़ों के नशे का खुलासा
आतंकियों के निशाने पर दिल्ली और उत्तराखंड! धमकी भरा ईमेल मिलने से मचा हड़कंप, हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
पति और बेटी के लिए घर जाना है जरूरी
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह एक बेहद गरीब परिवार से आती है और अपने घर में अकेली कमाने वाली सदस्य है। उसका पति बीमार रहता है और उसकी तीन छोटी बेटियां हैं। जब पुलिस ने मेडिकल जांच के बाद उसे अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, तो उसने अपनी जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए मना कर दिया। उसने कहा कि अगर वह अस्पताल में रही, तो उसकी बेटियों और बीमार पति का ख्याल कौन रखेगा।
यह भी पढ़ें:- दिल्ली फिर हुई शर्मसार! नांगलोई में चलती बस में गैंगरेप, ‘समय’ पूछने पर महिला को जबरन बस के अंदर खींचा
14 साल बाद भी वही खौफ
यह मामला 16 दिसंबर 2012 के उस काले दिन की याद दिलाता है जब निर्भया के साथ भी चलती बस में इसी तरह की दरिंदगी की गई थी। हालांकि उस मामले के दोषियों को फांसी की सजा मिल चुकी है लेकिन रानी बाग की इस घटना ने साबित कर दिया है कि जमीनी स्तर पर हालात अब भी नहीं बदले हैं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच जारी है।
