CAG रिपोर्ट से लेकर पेपरलेस तक, पहले ही दिन विधानसभा में CM रेखा करेंगी धमाका
Delhi Monsoon Session: दिल्ली विधानसभा के इस चार दिवसीय सत्र में सरकार पिछले चार महीने की अपनी उपलब्धियां गिनाएगी, वहीं विपक्ष झुग्गियों को तोड़े जाने के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे।
- Written By: सौरभ शर्मा
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता (फोटो- सोशल मीडिया)
Delhi Assembly Monsoon Session: दिल्ली विधानसभा का मानसून सत्र 4 अगस्त से शुरू हो रहा है और इसके पहले ही दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बयानों और रिपोर्ट्स के कारण हलचल मचने की पूरी संभावना है। चार दिनों तक चलने वाले इस सत्र में दिल्ली सरकार अपनी उपलब्धियों को सामने रखेगी, वहीं विपक्ष सरकार को मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगा इसमें खासकर झुग्गियों को गिराए जाने को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करने की तैयारी में है। साथ ही पहली बार यह सत्र पूरी तरह पेपरलेस होगा, जिससे यह ऐतिहासिक भी बनने बाला है।
इस सत्र में दो महत्वपूर्ण CAG रिपोर्टें पेश की जाएंगी। पहली रिपोर्ट वित्तीय वर्ष 2023-24 के स्टेट फाइनेंस से संबंधित होगी, जबकि दूसरी रिपोर्ट ‘वेलफेयर ऑफ बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स’ को लेकर है। यह रिपोर्ट 31 मार्च 2023 को समाप्त हुए वर्ष की समीक्षा करने वाली है। दोनों रिपोर्ट मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता विधानसभा में रखेंगी। इसके अलावा, प्राइवेट स्कूलों की फीस से जुड़ा एक अहम बिल भी सत्र के दौरान लाया जा सकता है।
झुग्गी मुद्दे पर विपक्ष का हमला, सरकार का जवाब
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस सरकार को झुग्गियों को गिराए जाने के मुद्दे पर घेरने की तैयारी में हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की है। उनका आरोप है कि अब तक दिल्ली में 15,000 से ज्यादा झुग्गियां गिराई जा चुकी हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि जब तक झुग्गीवासियों को वैकल्पिक पक्के मकान नहीं दिए जाते, तब तक कोई भी झुग्गी नहीं तोड़ी जाएगी। उन्होंने वादा किया कि जल्द ही 50,000 मकान वितरित किए जाएंगे।
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पेपरलेस विधानसभा: दिल्ली सरकार का नया डिजिटल अध्याय
इस बार विधानसभा सत्र पूरी तरह डिजिटल होने जा रहा है। केंद्र सरकार की मदद और दिल्ली सरकार की तकनीकी पहल से यह संभव हो पाया है। पेपरलेस विधानसभा न केवल पर्यावरण के प्रति जागरूकता दिखाती है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और तेज नीति निर्माण का भी प्रतीक मानी जा रही है। इसके साथ ही विधानसभा परिसर में अब 500 किलोवाट का सोलर प्लांट भी शुरू हो गया है, जिससे यह पूरी तरह सौर ऊर्जा आधारित बन गई है। यह मानसून सत्र डिजिटल बदलाव, पारदर्शिता और राजनीतिक टकराव का दिलचस्प संगम बनने जा रहा है, जहां सत्ता और विपक्ष दोनों के तेवर देखने लायक होंगे।
