आतंकी भारत में तैयार कर रहे साइबर स्लीपर सेल, अलर्ट मोड पर एजेंसियां
Delhi Cyber Sleeper Cell: चीन के क्राइम सिंडिकेट का गठजोड़ पाकिस्तान के साथ मिलकर नया गेम खेल रहे हैं। ये लोग भारत के खिलाफ साइबर टेररिस्ट तैयार करने में जुटे हैं।
- Written By: अर्पित शुक्ला
सांकेतिक तस्वीर
Cyber Alert: पाकिस्तान और चीन से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट के तहत भारत में साइबर स्लीपर सेल सक्रिय हो रहे हैं। हाल ही में पुलिस ने ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और क्रिप्टोकरेंसी स्कैम जैसी साइबर गतिविधियों में सीधे पाकिस्तान के संदिग्धों से निर्देश ले रहा था। अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क न केवल धोखाधड़ी के लिए सक्रिय था बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ऋतिक, जो समयपुर बादली में पकड़ा गया, पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में था। उसने भारतीय क्रिप्टो ट्रेडर्स की UPI ID पाकिस्तान स्थित स्कैमर्स को दी और उनके लिए USDT क्रिप्टोकरेंसी का लेन-देन करने में मदद की। आरोपी हर ट्रांजैक्शन पर लगभग 5 प्रतिशत कमीशन लेता था। जांच में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क फर्जी लोन रिकवरी कॉल सेंटरों से जुड़ा था, जहां लोगों को परेशान कर और झूठे दस्तावेजों के जरिए पैसा ऐंठा जाता था। लेन-देन के प्रमाण जैसे स्क्रीनशॉट सीधे आरोपी ऋतिक तक भेजे जाते थे।
ई-सिम डेटा के जरिए हुई पहचान
साइबर टीम ने मोबाइल, व्हाट्सएप चैट और ई-सिम डेटा की जांच कर पाकिस्तान के हैंडलरों के नंबरों की पहचान की। इसके तहत +923146376510 (बिलाल), +923110509376 और +923144770771 (नवाब) जैसे संदिग्धों का पता चला। इसके अलावा, गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह तीन महीने से इस गतिविधि में सक्रिय था।
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जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पाकिस्तान स्थित एडवांस्ड पर्सिस्टेंट थ्रेट (APT) ग्रुप भारत के रक्षा संस्थानों और सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं। ये ग्रुप खतरनाक ZIP फाइलें भेजते हैं, जिनमें डेस्कटॉप लॉन्चर और रिमोट एक्सेस ट्रोजन होते हैं। केवल 2026 की शुरुआत तक इस ग्रुप ने भारत में लगभग 16 लाख साइबर हमलों की कोशिश की, जिनमें से अधिकांश को सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम किया।
₹100 करोड़ का स्कैम पकड़ाया
पुलिस ने बताया कि इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट में सात आरोपी शामिल थे, जिनमें चीन के पासपोर्ट धारक चेन भी थे। ऑपरेशन के दौरान लगभग ₹100 करोड़ का स्कैम पकड़ा गया। इसके साथ ही 22 सिम बॉक्स, 20,000 से अधिक सिम और 120 फिजिकल सिम कार्ड जब्त किए गए।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह नेटवर्क नागरिकों से फर्जी दस्तावेज या पैसे का लालच देकर बैंक खाते खुलवाता है और डिजिटल ट्रांजैक्शन के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करता है। यह साइबर स्लीपर सेल सामान्य धोखाधड़ी से कहीं आगे जाकर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है।
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पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल या ऑनलाइन स्कैम की तुरंत Cybercrime.gov.in पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें। स्थानीय पुलिस थाने में जाकर शिकायत दर्ज कराना भी संभव है।
